फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pant vs Dhoni: धोनी से बिलकुल उलट है उनके चेले की कहानी, रिव्यू के मामले में फिसड्डी हैं ऋषभ पंत

Fri, 17 Jun 2022 05:41 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डीआरएस के मामले में पंत फिलहाल अब तक फिसड्डी साबित हुए हैं। उनका रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा है। आईपीएल 2021-22 में पंत ने दिल्ली की कप्तानी करते हुए फील्डिंग करते वक्त कुल 17 रिव्यू लिए।
विज्ञापन
1 of 7
ऋषभ पंत और महेंद्र सिंह धोनी - फोटो : सोशल मीडिया
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पांच मैचों की टी-20 सीरीज खेली जा रही है। दक्षिण अफ्रीकी टीम ने भारत पर 2-1 की बढ़त बनाई हुई है। टीम इंडिया की कप्तानी ऋषभ पंत कर रहे हैं। हालांकि, उनकी कप्तानी इतनी अच्छी नहीं रही है और भारत पर सीरीज गंवाने का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में पंत के ऊपर दबाव होगा कि वह शुक्रवार को वह टीम इंडिया को सीरीज में वापस लेकर आएं।
विज्ञापन

2 of 7
धोनी और पंत - फोटो : सोशल मीडिया
पंत पहली बार अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी संभाल रहे हैं। इससे पहले उन्होंने आईपीएल में दिल्ली फ्रेंचाइजी के लिए कप्तानी की है। हालांकि, आईपीएल में भी वह अपनी टीम को चैंपियन नहीं बना सके हैं। 2021 में पंत की दिल्ली टीम प्लेऑफ से बाहर हुई थी। वहीं, 2022 में दिल्ली लीग स्टेज से ही बाहर हो गई। ऐसे में बतौर कप्तान पंत की दावेदारी उतनी मजबूत नहीं दिख रही है।
विज्ञापन

3 of 7
पंत और धोनी - फोटो : सोशल मीडिया
टी-20 में डिसीजन रिव्यू सिस्टम (डीआरएस) का भी रोल अहम माना जाता है। डीआरएस से मतलब है कि अंपायर के किसी फैसले को चुनौती देना। इस स्थिति में तीसरे अंपायर के पास मामला पहुंचता है और वह पूरे प्रूफ के साथ फैसला सुनाता है। अंपायर के फैसले को चुनौती देने का अधिकार सिर्फ टीम के कप्तान के पास होता है। डीआरएस की शुरुआत 2009 में हुई थी। 2011 में इसे वनडे में शामिल किया गया था।

4 of 7
धोनी रिव्यू सिस्टम - फोटो : सोशल मीडिया
तब भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी थे। धोनी जब तक टीम इंडिया के कप्तान रहे, डीआरएस को धोनी रिव्यू सिस्टम के नाम से भी जाना गया। ऐसा इसलिए क्योंकि धोनी ने जब भी रिव्यू लिया या अंपायर के फैसले को चुनौती दिया, तब वे सफल साबित हुए। यानी अंपायर को अपने फैसले को बदलना पड़ा। 
विज्ञापन

5 of 7
धोनी और पंत - फोटो : सोशल मीडिया
धोनी के डीआरएस में कामयाब होने की सबसे बड़ी वजह उनका अनुभव था। इसके साथ ही वह एक विकेटकीपर थे, जिससे गेंदबाजों को रिव्यू लेने में मदद मिलती थी। धोनी की कप्तानी में भारत ने फील्डिंग के  वक्त लगभग 50 प्रतिशत रिव्यू में जीत हासिल की यानी अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा। आईपीएल में भी धोनी का रिकॉर्ड शानदार रहा है।
विज्ञापन

6 of 7
ऋषभ पंत - फोटो : सोशल मीडिया
वहीं, इस मामले में पंत फिलहाल अब तक फिसड्डी साबित हुए हैं। उनका रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा है। आईपीएल 2021-22 में पंत ने दिल्ली की कप्तानी करते हुए फील्डिंग करते वक्त कुल 17 रिव्यू लिए। इसमें से सिर्फ तीन में उन्हें सफलता मिली या यूं कहें कि फील्ड अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा। 14 मामले में फील्ड अंपायर का फैसला सही साबित हुआ। आईपीएल में डीआरएस में पंत का सक्सेस रेट 17.6 प्रतिशत है।
 
सीरीज रिव्यू जीते हारे सक्सेस रेट
आईपीएल 2021-21 17 3 14 17.6%
vs दक्षिण अफ्रीका 3 0 3 0.0
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
टीम इंडिया - फोटो : सोशल मीडिया
वहीं, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पंत अब तक तीन मैचों में ही कप्तानी कर सके हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली जा रही सीरीज में पंत ने तीन रिव्यू लिए हैं और तीनों में पंत को असफलता हाथ लगी। यानी पंत ने जब भी रिव्यू लिया है, वह फेल रहे हैं। ऐसे में पंत अपने गुरु धोनी के मापदंडों पर अब तक खरे नहीं उतर सके हैं। हालांकि, अभी ऐसा कहना जल्दबाजी होगी। पंत जैसे-जैसे क्रिकेट खेलते जाएंगे और उन्हें अनुभव मिलेगा, वैसे-वैसे उनके फैसलों में निखार भी आएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें