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Teacher's Day Special: ये नहीं होते, तो टीम इंडिया को नहीं मिलते सचिन,धोनी और विराट

Thu, 05 Sep 2019 12:27 PM IST
Rohit Ojha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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शिक्षक दिवस स्पेशल - फोटो : social Media
पांच सितम्बर, आज शिक्षक दिवस है और देश के प्रथम उप-राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिवस भी। जिन्होंने शिक्षकों की अहमियत बताते हुए उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने की इच्छा जाहिर की थी। सभी के जीवन में शिक्षकों का महत्व बहुत ज्यादा होता है, क्योंकि एक शिक्षक आपको तराशता है, आपके अंदर के हुनर को निखारता है, जिसके मार्गदर्शन में आप सफलता की नई कहानी गढ़ते हैं। क्रिकेट की दुनिया में भी कुछ ऐसे शिक्षक हुए, जिनके तराशे छात्रों ने दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। आइए जानते हैं ऐसे ही क्रिकेट के कुछ गुरू-शिष्य की जोड़ी के बारे में जो देश के लोगों के लिए मिसाल है।

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सचिन तेंदुलकर-रमाकांत आचरेकर - फोटो : social Media
सचिन तेंदुलकर को आज क्रिकेट का भगवान कहा जाता है। सचिन ने क्रिकेट में जो कामयाबी हासिल की, उसकी एक बड़ी वजह उनके गुरु रमाकांत आचरेकर रहें। आचरेकर सचिन में क्रिकेट की प्रतिभा को पहचानने वाले पहले व्यक्ति थे। सचिन को बल्ला पकड़ना उन्होंने ही सिखाया, इस खेल की बारिकियों को समझाया। सचिन खुद कहते हैं कि, बचपन में जब वह नेट्स पर खेलते-खेलते थक जाते थे, तो आचरेकर सर स्टंप पर एक सिक्का रख देते थे और जो सचिन को आउट करता, वह सिक्का उसका हो जाता था। सचिन के अलावा विनोद कांबली भी आचरेकर के शिष्य रहे हैं।
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एम एस धोनी-केशव बनर्जी - फोटो : social Media
महेंद्र सिंह धोनी का नाम विश्व के सफलतम कप्तानों में शुमार किया जाता है, लेकिन धोनी को फुटबॉल के मैदान से निकालकर क्रिकेट की पिच पर उनके कोच केशव बनर्जी ही लाए थे। धोनी स्कूल के दिनों में गोलकीपर थे। केशव ने ही उन्हें फुटबॉल छोड़कर स्कूल की टीम में विकेटकीपिंग करने को कहा और यहीं से धोनी के क्रिकेट के सफर की शुरुआत हुई। धोनी हर दिन अपनी मेहनत की बदलौत क्रिकेट में नए आयाम गढ़ते गए और आज वह क्रिकेट के विश्व विजेता कप्तान हैं।

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युवराज सिंह-योगराज सिंह - फोटो : social Media
युवराज सिंह जब टीम इंडिया में शामिल हुए, तब से ही वह बेहतरीन खिलाड़ी माने जाते थे। इसकी बड़ी वजह थे उनके पिता और कोच योगराज सिंह। योगराज ने उन्हें बचपन से ही कड़ी ट्रेनिंग दी, जिसके कारण युवराज उन्हें ड्रैगन कहा करते हैं। युवराज सिंह को स्केटिंग का शौक था, लेकिन उनके पिता ने उन्हें कोई और खेल खेलने नहीं दिया। युवराज के भीतर क्रिकेट को निखार कर और उनके अंदर क्रिकेट का जुनून योगराज सिंह ने ही भरा था।
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विराट कोहली-राजकुमार शर्मा - फोटो : social Media
टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के जीवन में उनके बचपन के कोच राजकुमार शर्मा का अहम योगदान रहा है। कोहली को क्रिकेट की शुरुआती तालीम राजकुमार ने ही दिया था। कोहली अपने कोच का बेहद ही सम्मान करते हैं और उन्होंने साल 2014 में शिक्षक दिवस के मौके पर अपने कोच को स्कोडा रैपिड कार तोहफे में दी थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोहली की शानदार उपलब्धियों के लिए राजकुमार को 2016 में द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
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अजिंक्य रहाणे-प्रवीण आमरे - फोटो : social Media
अजिंक्य रहाणे के कोच प्रवीण आमरे ने उनके करियर को संवारा है और आज भी जब रहाणे खराब फॉर्म से गुजरते हैं, तो उनके कोच आमरे हमेशा उनके सहयोग के लिए आगे रहते हैं। प्रवीण आमरे ने भी रमाकांत आचरेकर से क्रिकेट के गुर सीखे थे। रहाणे उनके पास खेल की बारिकियों को समझने के लिए अब भी जाते रहते हैं।
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