इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में के आखिरी मुकाबले में विराट कोहली ने हनुमा विहारी पर भरोसा दिखाया और टीम मैनेजमेंट ने उन्हें टेस्ट में डेब्यू करने का मौका दिया। हनुमा विहारी को टीम में हार्दिक पांड्या का जगह रखा गया। हालांकि हनुमा की टीम में एंट्री टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर काफी भड़क उठे और उन्हें टीम मैनेजमेंट की सिलेक्शन प्रक्रिया पर सवाल दागना शुरू कर दिया।
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हनुमा विहारी
इसमें कोई दोराय नहीं कि हनुमा विहारी एक बेहतरीन क्रिकेटर हैं। विहारी ने साल 2010 में झारखंड के खिलाफ प्रथम श्रेणा क्रिकेटर से डेब्यू किया था। हनुमा ने अब तक 63 प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैचों में 59.79 की औसत से 5142 रन बनाए हैं, जिसमें 15 शतक और 24 अर्धशतक शामिल हैं।
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हनुमा विहारी
वहीं, लिस्ट-ए क्रिकेट में उन्होंने 56 मैचों में 2268 रन बनाए हैं, जिसमें 4 शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं। 24 वर्षीय हनुमा का 2017-18 के रणजी ट्रॉफी में बेहतरीन रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने पूरे सीजन 6 मैचों में 94 की औसत से 752 रन बनाए हैं।
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हनुमा विहारी
हाल ही में हुनमा ने भारत ए की तरफ से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खिलाफ दूसरे अनधिकृत टेस्ट मैच में 148 रन की शतकीय पारी खेली थी। हालांकि, यह मुकाबला ड्रॉ हो गया था। इतना ही नहीं, उन्होंने विदेशी पिचों पर काउंटी क्रिकेट में 6 शतक भी जड़े हैं।
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hanuma vihari
महज 24 साल 314 दिन में भारतीय टीम में जगह बनाने वाले हनुमा 2012 अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप की चैंपियन भारतीय टीम का हिस्सा थे और हाल ही में इंग्लैंड में इंडिया-ए टीम का हिस्सा रहे इस खिलाड़ी ने इंग्लैंड-ए के खिलाफ वन-डे सीरीज के चार मैचों में 291 रन बनाए थे, जिसमें एक शतक भी शामिल था।
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सुनील गावस्कर
हनुमा विहारी के टीम में सिलेक्शन के बाद पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने कहा, 'हनुमा विहारी एक उभरता हुआ टैलेंट है, लेकिन इस क्रिकेटर की आड़ में किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी के साथ नाइंसाफी करना सही नहीं है।'
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करुण नायर
गावस्कर ने कहा, 'मुझे लगता है टीम मैनेजमेंट लगातार करुण नायर के साथ नाइंसाफी कर रही है। साल 2016 में नायर ने इंग्लैंड के खिलाफ ट्रिपल सेंचुरी जमाई थी। इसके बावजूद उन्हें अब तक मौका नहीं मिला है।'
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सुनील गावस्कर
गावस्कर ने आगे कहा, 'यह पहला मौका नहीं है जब नायर के साथ ऐसा हुआ है। इससे पहले बांग्लादेश के खिलाफ एक टेस्ट में भी मैनेंजमेंट ऐसा कर चुकी है। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ, जब ट्रिपल सेंचुरी जड़ने वाले किसी बल्लेबाज को अगले टेस्ट में खेलना का मौका तक नहीं दिया गया।'
'उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज में मौका तब मिला, जब उनका फॉर्म खराब हो गया और उन्होंने पूरी सीरीज में 26, 0, 23 व 5 स्कोर किया।' गावस्कर ने कहा, 'मुझे लगता है करुण नायर टीम मैनेजमेंट की फेवरेट प्लेयर नहीं हैं।'