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Sourav Ganguly Birthday: महाराजा से दादा बनने का सफर, भाई की वजह से पलट गई किस्मत

Wed, 08 Jul 2020 01:21 AM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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सौरव गांगुली
बीसीसीआई के मौजूदा अध्यक्ष और टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली आज अपना 48वां जन्मदिन मना रहे हैं। क्रिकेट के मैदान में झंडे गाड़ने वाले गांगुली का जन्म आज ही के दिन 1972 में चंडीदास और निरुपा गांगुली के घर हुआ था, उनके पिता का प्रिंट का व्यापार था और वे कोलकाता के कुछ रसूखदार परिवारों में से एक थे। सौरव शुरू से ही काफी संपन्न परिवार से थे लेकिन उनके पिता ने उन्हें इस बात का घमंड नहीं होने दिया।

सौरव गांगुली ने वैसे तो क्रिकेट में दादा के नाम से मशहूर हुए और अपने नेतृत्व क्षमता की बदौलत भारतीय क्रिकेट के सफलतम कप्तानों में शुमार हुए। हालांकि गांगुली के लिए क्रिकेट के मैदान में पहुंचना इतना आसान नहीं था। ऐसे में आइए एक नजर डालते हैं सौरव के बचपन से जुड़ी अनसुनी कहानियों के बारे में जिसने उन्हें क्रिकेटर बनाने में मुख्य भूमिका निभाई। 
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सौरव गांगुली - फोटो : Getty
बाएं या दाएं हाथ के बल्लेबाज?
फुटबॉल के लिए प्रसिद्द कोलकाता शहर में सौरव को क्रिकेट का कीड़ा उनके बड़े भाई स्नेहाशीष की वजह से लगा और यही कारण था कि उन्होंने अपने भाई की तरह ही दाएं हाथ की जगह बाएं हाथ से खेलना शुरू किया। जबकि गांगुली बचपन से दाएं हाथ से ही सब काम करते थे लेकिन भाई के साथ अभ्यास करने और उसके जैसा खेलने के लिए उन्होंने अपने खेलने का तरीका बदल दिया।
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Sourav ganguly bunglow
सौरव उर्फ महाराज
सौरव गांगुली को वैसे तो दुनियाभर में उनके फैंस भारतीय टीम के दादा के रूप में जानते हैं लेकिन काफी संपन्न घराने से होने की वजह से उनके पिता चंडीदास उन्हें महाराजा के नाम से बुलाते थे। बाद में इंग्लैंड के दिग्गज क्रिकेटर सर जेफ्री बॉयकॉट ने उन्हें प्रिंस ऑफ़ कोलकाता के नाम से नवाजा था। 

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सौरव गांगुली
क्रिकेटर भाई 
सौरव गांगुली के बड़े भाई स्नेहाशीष खुद एक क्रिकेटर थे और बंगाल की तरफ से रणजी और प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलते थे। हालांकि वे राष्ट्रीय टीम से कभी नहीं खेल पाए लेकिन उनकी मदद से सौरव ने क्रिकेट खेलना शुरू किया और स्कूल और कॉलेज स्तर पर खेलते हुए आगे बढ़ते गए।
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sourav ganguly
माँ को नापसंद क्रिकेट
फुटबॉल के लिए मशहूर कोलकाता शहर और एक बड़े व्यापारी खानदान से तालुक रखने वाले सौरव गांगुली की माँ निरुपा गांगुली नहीं चाहती थीं कि उनका बेटे किसी खेल को अपना प्रोफेशन बनाए। इस वजह से उन्हें सौरव का क्रिकेट खेलना पसंद नहीं था। यहां तक कि सौरव के पिता चंडीदास भी क्रिकेट को नापसंद करते थे लेकिन बड़े भाई की वजह से उन्हें इसकी इजाजत मिल गई।
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sourav ganguly
बचपन का प्यार   
सौरव गांगुली ने अपने बचपन के प्यार डोना गांगुली से 1997 में शादी की थी। डोना एक प्रशिक्षित प्रोफेशनल डांसर थीं और दोनों एक दूसरे को काफी अच्छी तरह से जानते थे। दोनों को बाद में एक बेटी हुई जिसका नाम सना रखा गया।
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Sourav Ganguly
सौरव के नाम की सड़क
कोलकाता में सौरव गांगुली की प्रसिद्धि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके गृहनगर में एक आपर्टमेंट और डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क का नाम उनके नाम पर रखा गया है।
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