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शॉर्ट रन मामला: अंपायर के फैसले के खिलाफ पंजाब ने की अपील, जानें क्या कहता है ICC का नियम

Tue, 22 Sep 2020 06:07 AM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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शॉर्ट रन आउट विवाद पर प्रीटि जिंटा - फोटो : सोशल मीडिया
किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाड़ियों ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ आईपीएल मैच के दौरान अहम समय पर मैदानी अंपायर नितिन मेनन के विवादित ‘शॉर्ट रन’ कॉल के खिलाफ अपील की है, जबकि पूर्व खिलाड़ियों ने सही नतीजों के लिए तकनीक के अधिक उपयोग की मांग की। 

दरअसल मैच के सुपर ओवर में जाने से पहले टीवी फुटेज से पता चला कि स्क्वॉयर लेग अंपायर मेनन ने 19वें ओवर की तीसरी गेंद पर क्रिस जॉर्डन को ‘शॉर्ट रन’ के लिए टोका था। टीवी रिप्ले से हालांकि जाहिर था कि जॉर्डन ने जब पहला रन पूरा किया तब उनका बल्ला क्रीज के भीतर था। मेनन ने कहा कि जॉर्डन क्रीज तक नहीं पहुंचे हैं जिससे मयंक अग्रवाल और पंजाब के स्कोर में एक ही रन जोड़ा गया।



तकनीकी साक्ष्य होने के बावजूद फैसला नहीं बदला गया। आखिरी ओवर में पंजाब को 13 रन चाहिए थे और पहली तीन गेंद पर अग्रवाल ने 12 रन बना लिए थे। चौथी गेंद पर रन नहीं बना और अंतिम दो गेंदों पर पंजाब ने मयंक और जॉर्डन के रूप में दो विकेट गंवा दिए जिससे सुपरओवर की नौबत आ गई। सुपरओवर में दिल्ली को तीन रन का लक्ष्य मिला था जिसमें उसने जीत दर्ज की। यदि वह शॉर्ट रन नहीं दिया जाता तो पंजाब की टीम तीन गेंद पहले जीत जाती।
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आईसीसी - फोटो : social media

अब नहीं बदला जा सकता फैसला

अपील का हालांकि नतीजा निकलने की उम्मीद कम है क्योंकि आईपीएल नियम 2.12 (अंपायर के फैसले) के तहत अंपायर फैसले को तभी बदल सकता है जब ये बदलाव तुरंत किए जाएं। इसके अलावा अंपायर का फैसला अंतिम है।
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दिल्ली कैपिटल्स बनाम किंग्स इलेवन पंजाब - फोटो : twitter@virendersehwag
सतीश मेनन, सीईओ किंग्स इलेवन पंजाब 
हमने मैच रैफरी से अपील की है। इंसान से गलती हो सकती है लेकिन आईपीएल जैसे विश्व स्तरीय टूर्नामेंट में इसकी कोई जगह नहीं है। वह एक रन हमें प्लेऑफ से वंचित कर सकता है।

प्रीति जिंटा, सह-मालिक किंग्स इलेवन पंजाब
मैं हमेशा जीत या हार को खेल भावना के साथ स्वीकार करने में यकीन रखती हूं लेकिन नियमों में बदलाव की जरूरत ह्रै। जो बीत गया, सो बीत गया लेकिन भविष्य में ऐसा नहीं होना चाहिए।
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वीरेंद्र सहवाग
वीरेंद्र सहवाग, पूर्व क्रिकेटर  
मैं मैन ऑफ द मैच के फैसले से सहमत नहीं हूं। यह पुरस्कार तो अंपायर को दिया जाना चाहिए जिन्होंने शॉर्ट रन दिया। शॉर्ट रन नहीं था। यही अंतर रहा

टॉम मूडी, पूर्व क्रिकेटर ऑस्ट्रेलिया
तकनीक की मदद के लिए नियमों में बदलाव करना होगा। तीसरे अंपायर को फैसला लेना चाहिए था लेकिन नियम कहते हैं कि यह नियम टूर्नामेंट शुरू होने से पहले बनाया जाना चाहिए था
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