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सरफराज कप्तान बने पाक के, जश्न मना इटावा में

Fri, 08 Apr 2016 05:59 PM IST
अतुल चंद्रा/ बीबीसी संवाददाता, लखनऊ
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- फोटो : getty
बीते मंगलवार जब सरफराज अहमद को पाकिस्तान टी20 का कप्तान चुना गया, पाक के अलावा उत्तर प्रदेश के इटावा में भी उसका जश्न हुआ। इटावा में रहने वाले महबूब हसन सिद्दीकी पाकिस्तानी कप्तान सरफराज अहमद के सगे मामू हैं। विकेटकीपर बैट्समैन सरफराज, सिद्दीकी की सगी बहन अकीला का बेटा है। महबूब हसन सिद्दीक़ी और उनके परिजनों को उम्मीद नहीं थी कि एक मोहाजिर के बेटे को पाकिस्तान टीम में इतना अहम काम मिलेगा। उन्होंने ने कहा, "हमें उसके कप्तान बनाए जाने की बेहद खुशी है, उम्मीद नहीं थी कि ऐसा होगा।" जैसे ही सरफराज कप्तान बनाए गए, महबूब हसन की बहन ने फोन करके "खुशखबरी दी। हमारी आँखों में खुशी से आंसू आ गए।"
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सरफराज क मामा इटावा में सीनीयर क्लर्क

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महबूब हसन, जो इटावा के भीमराव कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज में सीनियर क्लर्क हैं, ने बताया कि खबर मिलते ही आस-पड़ोस के लोग उनके घर आने लगे और मिठाई बंटनी शुरू हो गई। महबूब हसन के मुताबिक "पकिस्तान में अभी भी मोहाजिरों (हिंदुस्तान से गए मुसलमान) से दूरी रखी जाती है और उनको घृणा से देखा जाता है"। उन्होंने कहा कि पिछले साल 19 मई को वे सरफराज की शादी में कराची गए थे। उस वक़्त भी सरफ़राज़ के मोहाजिर होने की बात पाकिस्तानी मीडिया ने उठाई थी। वे बताते हैं, "एक प्रेस कांफ्रेंस में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन शहरयार खान से इस सिलसिले में सवाल करते हुए एक रिपोर्टर ने कहा था कि सरफराज की माँ हिंदुस्तान की हैं इस नाते उन्हें कप्तानी का हकदार कैसे माना जा सकता है?"
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सरफराज का छोटा भाई पाक अंडर-19 का कप्तान

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महबूब हसन ने बताया कि जवाब में शहरयार खान ने कहा कि 1947 से पहले सब हिंदुस्तानी थे। सात भाई बहनों में सरफराज तीसरे नंबर पर हैं। सबसे बड़ी बहन हैं और फिर एक भाई के बाद ये तीसरे नंबर पर हैं। सरफराज का एक छोटा भाई अब्दुर रहमान पाकिस्तान की अंडर-19 टीम के कप्तान है। महबूब हसन और उनका परिवार मोहाली में पाकिस्तान-ऑस्ट्रेलिया मैच देखने गए थे जिसके लिए "सरफराज ने टिकट भिजवाए थे।" पाकिस्तान ये मैच हार गया था।
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2007 में मैच के दौरान की थी मामू से मुलाकात

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- फोटो : getty
महबूब हसन मोहाली में सरफराज से मिल कर काफी खुश थे। इससे पहले सरफराज 2007 में एक मैच में ग्वालियर आए थे और वहाँ भी महबूब हसन उससे मिलने गए थे। कराची में मदनी की बिरयानी के शौकीन सरफराज इंटर पास हैं और हाफिज भी हैं। "मोहाली में उसने टीम को नमाज भी पढ़वाई थी।"
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