रविचंद्रन अश्विन
अश्विन ने आगे कहा, 'ऑफस्पिन को पिछले 10 साल तक फेंकने के बाद कुछ चीजों में बदलाव करना चुनौतीपूर्ण होता है। मगर मैं संतुष्ट होना नहीं चाहता। मैंने अपने करियर में कभी नहीं सोचा कि यह बहुत है। अभी तक इस पर सिर्फ मैंने ही काम किया है, मैं अपनी एकेडमी में अपने कोचों से प्रतिक्रिया जानता रहता हूं। लक्ष्मीपति बालाजी ने मेरी काफी मदद की है।'