शाहीन ने खुद को बैटिंग ऑर्डर में प्रमोट किया था और पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए थे, जबकि सिकंदर रजा और डेविड वीज जैसे बिग हिटर्स की बल्लेबाजी अभी बाकी थी।
पाकिस्तान सुपर लीग में रविवार को लाहौर कलंदर्स और क्वेटा ग्लैडिएटर्स के बीच मुकाबला खेला गया। लीग स्टेज के इस मुकाबले में लाहौर कलंदर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में चार विकेट गंवाकर 166 रन बनाए थे। जवाब में क्वेटा ग्लैडिएटर्स ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर मैच छह विकेट से अपने नाम किया। हालांकि, इस मैच में शाहीन अफरीदी अपने एक जश्न के अंदाज के लिए आलोचनाएं झेल रहे हैं। दरअसल, शाहीन ने इस मैच में अर्धशतक लगाने के बाद शशश... यानी किसी को चुप कराने के अंदाज में जश्न मनाया था। इस पर पाकिस्तान के दिग्गज वसीम अकरम भड़क गए हैं। उन्होंने 23 साल के शाहीन को लेकर कई बयान दिए हैं। शाहीन ने 28 गेंद में अर्धशतक लगाने के बाद जश्न मनाने के लिए अंगुली को होंठ पर रखकर चुप कराने का तरीका अपनाया था।
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शाहीन अफरीदी
- फोटो : PSL
इसने वसीम अकरम को भड़का दिया। दरअसल, शाहीन ने खुद को बैटिंग ऑर्डर में प्रमोट किया था और पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए थे, जबकि सिकंदर रजा और डेविड वीज जैसे बिग हिटर्स की बल्लेबाजी अभी बाकी थी। शाहीन ने 34 गेंद में दो चौके और चार छक्के की मदद से 55 रन की पारी खेली थी। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 161.76 का रहा था। अकरम ने कहा- शाहीन ने रन जरूर बनाए, लेकिन उनके दो बिग हिटर्स रजा और वीज को मौका नहीं मिला।
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वसीम अकरम
- फोटो : सोशल मीडिया
अफरीदी की कप्तानी वाली लाहौर कलंदर्स पीएसएल में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई। वसीम जूनियर ने 20वें ओवर में शाहीन की ही आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर क्वेटा को जीत दिलाई। अकरम ने कहा- शाहीन काफी अनुभवी गेंदबाज हैं। वह पाकिस्तान की टी20 टीम के भी कप्तान हैं। उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हुए पांच साल बीत चुके हैं। वह लेंथ बॉल करना चाहते थे, लेकिन इसके बजाय उन्हें फुल लेंथ की बॉल फेंकनी चाहिए थी। बल्ले का किनारा लगकर चौका जाए, इसमें कोई दिक्कत नहीं है। मुझे लगता है कि यह उनके लिए सीखना का सही अवसर है। मुझे लगता है कि इस पीएसएल में वह डेथ ओवर्स में ठीक से गेंदबाजी नहीं कर सके हैं।
अकरम ने कहा- नई गेंद से भी वह हाफ वॉली गेंद कर रहे थे। उन्हें यह समझना होगा कि बल्लेबाज उन्हें समझने लगा है कि वह ओवर की शुरुआती दो गेंद यॉर्कर ही डालते हैं। डेथ ओवर्स में या तो वह स्लो कटर डालते हैं या फिर राउंड द विकेट आकर स्टंप्स पर। बल्लेबाज अब इसके लिए तैयार होता है। 16 से 20 ओवर के बीच में उनका इकोनॉमी रेट 11 का रहा है। उन्होंने डेथ ओवर्स में 13 ओवरों में 148 रन खर्च किए हैं। उन्हें एक गेंदबाज के तौर पर यह देखना चाहिए कि वह कैसे बेहतर हो सकते हैं। यह सही समय है जब वह एक नई कला सीखें। वह सीखें कि बैक ऑफ द हैंड स्लोअर बॉल कैसे फेंकी जाती है। उन्हें दो विकेट मिले, लेकिन वह एक गेंदबाज के तौर पर अपना दायित्व निभाने में कामयाब नहीं हो सके।