पृथ्वी शॉ
बकौल पृथ्वी, 'उम्मीदें हमेशा से रही हैं। स्कूल स्तर पर या अंडर19 स्तर पर जब भी मैं अर्धशतक जमाता था, तो लोग मुझसे शतक या दोहरे शतक की आस लगाए होते थे। मैं इस बारे में ज्यादा नहीं सोचता और अपने आप को अभिव्यक्त करता हूं। जितना बनता है उतने बेहतर तरीके से गेंद को खेलने का प्रयास करता हूं।'