इंडियन टी-20 लीग अब अपने आखिरी मुकाम पर पहुंच चुकी है। 12 मई (रविवार) को चेन्नई और मुंबई की भिड़ंत के बाद IPL 2019 के विजेता का भी पता चल जाएगा।
फाइनल में पहुंचने वाली ये दोनों ही टीमें दमदार हैं और अब तक 3-3 बार ट्रॉफी को अपने नाम कर चुकी हैं।
रोहित की कप्तानी वाली मुंबई और धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई दिग्गजों से भरी हुई है। दोनों ही टीमें इस बार अपना चौथा खिताब जीतकर इतिहास रचने को बेचैन होंगी।
हैदराबाद में होने वाले इस दमदार मुकाबले के लिए चेन्नई की टीम को अपने कुछ खास खिलाड़ियों से उम्मीदें अधिक होंगी। ऐसे में आइए जानते हैं चेन्नई के उन 6 खिलाड़ियों के बारे में जिनसे मुंबई को रहना होगा सावधान।
विज्ञापन
2 of 7
एमएस धोनी
महेंद्र सिंह धोनी
बल्ले, ग्लव्स, कप्तानी या फिर फुर्ती इन सबमें धोनी का कोई टक्कर नहीं है। बल्कि ये कहना भी गलत नहीं होगा कि धोनी सिर्फ एक खिलाड़ी ही नहीं बल्कि अपने आप में पूरी एक कोचिंग सेंटर हैं। वो कभी भी किसी भी तरह से मैच का रुख बदल सकते हैं।
धोनी किसी भी वक्त मैच को बदलने में माहिर हैं। इस सीजन में भी बड़े-बड़े खिलाड़ी उनके सामने टिक नहीं पाए।
धोनी ने इस सीजन में खेले गए 14 मुकाबले में 103.50 की औसत और 137.54 की स्ट्राइक रेट से 414 रन बनाए हैं। धोनी ने इस दौरान 3 अर्धशतक लगाए हैं। वहीं विकेट के पीछे भी उन्होंने 14 शिकार किए हैं। इस बार धोनी ने मैच फिनिशर की भूमिका भी बखूबी निभाई है और डेथ ओवरों में खूब रन बरसाए हैं।
विज्ञापन
3 of 7
suresh raina
सुरेश रैना:
टीम के अहम सदस्य सुरेश रैना हमेशा से टीम के अभिन्न अंग रहे हैं। हालांकि इस सीजन की शुरुआत में वो अपनी फॉर्म से जूझते रहे लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने अपनी फॉर्म वापस पा ली और टीम को कुछ महत्वपूर्ण मैचों में जीत भी दिलाई। टीम को एक बार फिर से रैना से उम्मीद रहेगी और हो भी क्यों नहीं रैना को बड़े मुकाबलों का खिलाड़ी जो कहा जाता है।
रैना ने इस सीजन में खेले गए 16 मैचों में 25.00 की औसत से 375 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 3 महत्वपूर्ण अर्धशतक भी लगाए हैं। बल्लेबाजी के साथ-साथ रैना ने फील्डिंग में भी 6 कैच पकड़े हैं।
4 of 7
इमरान ताहिर
- फोटो : file
इमरान ताहिर
40 साल की उम्र में जिस तरह का प्रदर्शन ताहिर ने किया है उसे देखकर हर कोई हैरान रह गया है। अपनी गेंदबाजी से उन्होंने बल्लेबाजों को बहुत परेशान किया है और यही कारण है कि वो पर्पल कैप की रेस में दूसरे नंबर पर हैं।
चेन्नई के अहम सदस्य बन चुके इमरान ताहिर ने इस सीजन में खेले गए 16 मुकाबलों में 6.65 की इकॉनमी और 17.00 के औसत के साथ 24 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान ताहिर ने दो बार 4 विकेट भी झटके हैं।
विज्ञापन
5 of 7
हरभजन सिंह
- फोटो : पीटीआई
हरभजन सिंह
मुंबई से अलग होकर चेन्नई से जुड़े हरभजन ने अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया है। रिटायरमेंट के चर्चे के बीच उन्होंने अपने प्रदर्शन से सभी की बोलती बंद कर दी है। हरभजन ने इस सीजन में चेन्नई की तरफ से खेलते हुए 10 मैचों में 7.12 की इकॉनमी और 17.81 की औसत से 16 विकेट चटकाए हैं।
विज्ञापन
6 of 7
फाफ डू प्लेसी
फाफ डूप्लेसिस
टीम के सलामी बल्लेबाज डूप्लेसिस का ये सीजन उतार-चढ़ाव भरा रहा लेकिन मुश्किल वक्त में उन्होंने अपने बल्ले से टीम का हमेशा साथ दिया। उन्होंने अभी तक खेले गए 11 मैचों में 37.00 की औसत और 120 की स्ट्राइक रेट से 370 रन बनाए हैं। इस दौरान फाफ ने तीन अर्धशतक भी जमाए हैं। फाफ ने फील्डिंग में 11 कैच पकड़े हैं।
खास बात यह कि दिल्ली के खिलाफ खेले गए महत्वपूर्ण एलिमिनेटर मुकाबले में फाफ ने 39 गेंदों में 50 रनों की अहम पारी खेली।
शेन वाटसन
टीम के एक और अनुभवी सलामी बल्लेबाज वाटसन के फॉर्म को लेकर टीम अधिक परेशान थी, लेकिन दिल्ली के खिलाफ 32 गेंदों में 50 रनों की उनकी पारी ने टीम को थोड़ा सुकून दिया होगा। वाटसन ने फाफ के साथ मिलकर टीम को अच्छी शुरुआत दी और जीत की बुनियाद रखी.
वाटसन ने इस सीजन में औसत स्तर का प्रदर्शन करते हुए 16 मैचों में 318 रन बनाए हैं जिसमें उन्होंने दो अर्द्धशतक भी जड़े।