टीम इंडिया के नए स्पिन स्टीर और चाइनामैन गेंदबाज के कानपुर में मैदान पर उतरने पर अटकलों का दौर जारी है लेकिन उनका कहना है कि यदि उन्हें तीसरे और अंतिम वनडे में खेलने का मौका मिलता है, तो वह घरेलू दर्शकों के सामने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिये तैयार हैं।
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कुलदीप बोले- कानपुर की पिच से अच्छी तरह हूं वाकिफ, मौका मिला तो करूंगा कमाल
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विराट कोहली, धोनी और कुलदीप यादव
कानपुर के रहने वाले कुलदीप का जीवन इसी शहर की गलियों में गुजरा है। इसी ग्रीन पार्क मैदान पर उन्होंने क्रिकेट का ककहरा सीखा। उन्होंने कहा, 'अगर कल मुझे अंतिम ग्यारह में चुना गया है तो मैं अपने जीवन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा। कुलदीप ने कहा, वह अपने मैदान में घरेलू दर्शकों के सामने खेलने की बात सोचकर बहुत रोमांचित हैं। इसके साथ ही कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में पहली बार डे-नाइट अंतरराष्ट्रीय मैच खेला जाएगा।
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कुलदीप बोले- कानपुर की पिच से अच्छी तरह हूं वाकिफ, मौका मिला तो करूंगा कमाल
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कुलदीप यादव
- फोटो : PTI
कुलदीप ने अपने घरेलू मैदान पर खेलने के बारे में कहा, आप देश दुनिया में कहीं भी खेलो, लेकिन अपने शहर, अपने मैदान में अपने लोगों के बीच क्रिकेट खेलने का मजा ही कुछ अलग होता है। मैं इसी कानपुर शहर में पैदा हुआ यहां की गलियों में बड़ा हुआ, यहीं पढ़ाई की, यहीं क्रिकेट की एबीसीडी सीखी।
कुलदीप बोले- कानपुर की पिच से अच्छी तरह हूं वाकिफ, मौका मिला तो करूंगा कमाल
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कुलदीप यादव
जब उनसे यह पूछा गया कि क्या इस मैच के लिए आपने कोई अलग रणनीति बनाई है तो उन्होंने कहा, ‘‘अगर मुझे अंतिम एकादश में चुना जाता है तो मैं अपनी रणनीति मैदान में ही दिखाऊंगा क्योंकि यह मेरा घरेलू मैदान है और मैं इसकी पिच की रग-रग से वाकिफ हूं। मैंने इस मैदान पर बहुत क्रिकेट खेला है।
कुलदीप बोले- कानपुर की पिच से अच्छी तरह हूं वाकिफ, मौका मिला तो करूंगा कमाल
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माता-पिता के साथ कुलदीप की पुरानी फोटो
टीम के साथ कानपुर पहुंचे कुलदीप अपने घर भी गए उन्होंने कहा, कल मैं अपने कानपुर के जाजमऊ स्थित घर भी गया। बहुत दिन हो गये थे अपनी मां के हाथ का खाना खाये, अपने पिता और बहनों से मिले. काफी देर तक सबके साथ रहा और परिवार के साथ समय बिताकर बहुत अच्छा लगा। 14 दिसंबर 1994 को कानपुर में जन्मे कुलदीप का परिवार कानपुर के जाजमऊ इलाके में रहता है। वह एक मध्यम वर्गीय परिवार से हैं और उनके पिता राम सिंह यादव ईंट का भट्टा चलाते हैं।