किरण मोरे
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पंत ने पीटीआई से विशेष साक्षात्कार में कहा, 'इंग्लैंड में कीपिंग करना बिल्कुल अलग तरह का अनुभव था। उस दौरे के बाद मैंने एनसीए में किरण सर (मोरे) के साथ काम किया। इसमें हाथ की स्थिति और शरीर की मुद्रा पर ध्यान देना शामिल था। हर विकेटकीपर का अपना तरीका होता है, मैंने थोड़ा सा बदलाव किया जिसका मुझे फायदा मिला।'