न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार फॉर्म के दम पर ईशान किशन ने संजू सैमसन पर बढ़त बना ली है, जिससे विश्व कप प्लेइंग-11 की दौड़ और रोचक हो गई है। वहीं, खराब प्रदर्शन से संजू की चुनौती बढ़ी है और तिलक वर्मा की वापसी उनके लिए मुसीबत बन सकती है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज सिर्फ 4-1 की जीत भर नहीं थी, बल्कि यह उन चयन बहसों को भी तेज कर गई जो टी20 विश्व कप से ठीक पहले भारतीय टीम प्रबंधन के सामने खड़ी हैं। इस सीरीज में दो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहे वो ईशान किशन और संजू सैमसन रहे। इस सीरीज में दोनों की वापसी एक-दूसरे से बिल्कुल उलट रही।
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ईशान किशन
- फोटो : PTI
मौके को भुनाने में कामयाब हुए ईशान
सात फरवरी से भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में शुरू हो रहे टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम का एलान हो चुका है। ईशान किशन भी 15 सदस्यीय टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई पांच टी20 मैचों की सीरीज में ईशान का बल्ला जमकर गरजा। चार मुकाबलों में ईशान ने 231.2 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 215 रन बनाए।
ईशान का प्रभाव सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं था। उनकी बल्लेबाजी ने भारत के मिडिल ऑर्डर से दबाव पूरी तरह हटा दिया। शीर्ष क्रम में आक्रामक शुरुआत, फिर नंबर-तीन पर आकर रफ्तार बनाए रखना यह वही रोल है जिसे मौजूदा भारतीय टी20 टीम सबसे ज्यादा अहमियत देती है। तिरुवनंतपुरम में लगाया गया 43 गेंदों का शतक इस बात का सबूत था कि ईशान सिर्फ हिटर नहीं, बल्कि मैच की स्थिति पढ़ने वाले बल्लेबाज भी बन चुके हैं। स्पिन के खिलाफ गियर बदलना, तेज गेंदबाजों की गति का इस्तेमाल करना और 97 पर रुकने की बजाय तुरंत बड़ा शॉट खेलना ये सब चयनकर्ताओं के लिए साफ संदेश था।
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संजू सैमसन
- फोटो : PTI
संजू ने किया निराश
संजू सैमसन के लिए यह सीरीज निराशाजनक रही। लंबे समय बाद उन्हें बतौर ओपनर लगातार मौके मिले, लेकिन उनका प्रदर्शन टीम प्रबंधन के भरोसे पर खरा नहीं उतर सका। पांच पारियों में वह सिर्फ 46 रन ही बना सके। संजू की समस्या सिर्फ रन न बनाना नहीं थी, बल्कि उनकी आउट होने की शैली भी चिंता का विषय रही। गेंद को जल्दी पढ़ने में परेशानी उनके लिए मुसीबत साबित हुई। तिरुवनंतपुरम में घरेलू मैदान पर उनसे बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वही मैच उनकी मुश्किलों का प्रतीक बन गया। दबाव में खेलते हुए वह न तो लय में दिखे और न ही आत्मविश्वास में।
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तिलक वर्मा
- फोटो : PTI
चयन समीकरण और विश्व कप की तस्वीर
विश्व कप से ठीक पहले फॉर्म सबसे बड़ा फैक्टर होता है, और फिलहाल इस कसौटी पर ईशान किशन संजू सैमसन से काफी आगे हैं। भारतीय टीम प्रबंधन आक्रामक शीर्ष क्रम के साथ आगे बढ़ना चाहता है, जहां हर ओवर में रन निकलें।
इसी बीच तिलक वर्मा का नाम इस बहस में जुड़ गया है। फिलहाल, तिलक चोट से उबर रहे हैं। एशिया कप फाइनल जैसे बड़े मैच में वह मैच-विनर साबित हो चुके हैं। उम्मीद है कि विश्व कप की प्लेइंग 11 में उन्हें शामिल किया जा सकता है।