कोहली ने स्वीकार किया कि तनाव ने खेल के प्रति उनके प्यार को प्रभावित करना शुरू किया था। उन्होंने एक पॉडकास्ट में खुलासा किया है कि उन कठिन वर्षों के दौरान उन्होंने आरसीबी छोड़ने पर भी विचार किया था।
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आईपीएल में विराट कोहली एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जो 18 सत्रों तक एक ही टीम से जुड़े रहे। हालांकि, एक ही टीम से जुड़े रहने के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। उनके लिए ऐसा करना आसान नहीं था और इसका खुलासा खुद कोहली ने एक पॉडकास्ट में किया है। उन्होंने मयंती लैंगर के साथ 'आरसीबी बोल्ड डायरीज' पॉडकास्ट में कहा कि एक समय ऐसा भी आया था जब उन्हें इस फ्रेंचाइजी को छोड़ने के सुझाव मिल रहे थे। तब वह अपनी बुलंदियों पर थे। हालांकि, तब उन्हें एहसास हुआ कि फैंस और लोगों से रिश्ता ज्यादा जरूरी है और बेंगलुरु को ही उन्होंने अपना घर बना लिया।
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स्टीवन जेरार्ड और फ्रांचेस्को टोट्टी
- फोटो : instagram
'जेरार्ड और टोट्टी जैसे फुटबलॉर्स...'
मयंती ने कोहली से पूछा- 18 साल एक फ्रेंचाइजी में...ग्लोबल स्पोर्ट्स या इससे जुड़े लीजेंड्स से कभी आपने इसे जोड़कर देखा? जॉर्डन, शुमाकर, हैमिल्टन, रोनाल्डो, मेसी...जैसे महान एथलीट्स भी कभी एक फ्रेंचाइजी से जुड़कर नहीं रहे। हमने रिसर्च किया और शायद सिर्फ टॉम ब्रैडी ही एक ऐसे एथलीट हैं जो एक ही टीम के साथ 19 साल तक जुड़े रहे। क्या आपने इस तरह से कभी सोचा है? इस पर कोहली ने कहा, 'हां बिल्कुल सोचा है। इसमें कई और भी नाम हैं, भले ही वे बहुत बड़े एथलीट्स नहीं हैं, जैसे स्टीवन जेरार्ड (लिवरपूल के पूर्व फुटबलॉर), फ्रैंचेस्को टोट्टी (एस रोमा के पूर्व फुटबॉलर)। मैंने पहले भी कहा है, मुझे अपने करियर की ऊंचाइयों के दौरान किसी और टीम को तलाशने और देखने का अवसर मिला था। 2016 से 2019 तक मुझे लगातार स्विच करने के सुझाव मिले थे। एक समय पर आकर मेरे लिए सच में कठिन हो गया था क्योंकि मेरे जीवन में बहुत कुछ हो रहा था। फैंस को हर मैच में मुझसे उम्मीदें थीं।'
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विराट कोहली
- फोटो : ANI
'कभी बिना बोझ लिए नहीं खेला...'
कोहली ने स्वीकार किया कि तनाव ने खेल के प्रति उनके प्यार को प्रभावित करना शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा, 'मुझे कभी भी खुद पर से बोझ कम नहीं लगा या ऐसा नहीं लगा कि फैंस का ध्यान कहीं और है। मैं हमेशा एक ऐसी जगह पर था जहां मुझे नहीं पता था कि क्या करना है। मैं 24x7 यही सोचता रहता था और मेरे लिए यह कठिन हो गया था। मैंने फैसला किया कि अगर मैं इस जगह पर रहना चाहता हूं, तो मुझे खुश रहने की जरूरत है। मैं ऐसी जगह रहना चाहता था जहां मैं बिना किसी धारणा के क्रिकेट खेल सकूं।'
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विराट कोहली
- फोटो : ANI
'फ्रेंचाइजी छोड़ने के बारे में जरूर सोचा था'
कोहली ने खुलासा किया कि उन कठिन वर्षों के दौरान उन्होंने आरसीबी छोड़ने पर भी विचार किया था, लेकिन जोर देकर कहा कि वह कभी भी इस कदम को उठाने के लिए प्रलोभित या तत्पर नहीं थे। अंत में उन्होंने इस फ्रेंचाइजी के साथ आपसी सम्मान और सार्थक संबंध बनाने का फैसला किया। इसने किसी और फ्रेंचाइजी से जुडने की उनकी संभवनाओं और विचारों को ध्वस्त कर दिया। कोहली ने कहा, 'मैं यह नहीं कहूंगा कि मुझे लुभाया गया था, लेकिन मैंने फ्रेंचाइजी छोड़ने के बारे में सोचा जरूर था। तब मैंने खुद से पूछा कि मेरे लिए क्या अधिक मूल्यवान है? मैंने भारत के लिए बहुत सी चीजें जीती हैं, मैंने बहुत प्रशंसा अर्जित की है।'
'फिर मुझे एक अंतिम निर्णय लेना पड़ा'
उन्होंने कहा, 'फिर मुझे एक अंतिम निर्णय लेना पड़ा। मैंने सोचा- क्या मैं एक नए सेटअप में जाना चाहता हूं और चीजों को फिर से समझना चाहता हूं? तब मुझे एहसास हुआ कि मैंने यहां इस टीम से...इस फ्रेंचाइजी से...यहां के फैंस से जो रिश्ता बनाया है वह अधिक मूल्यवान है। यह आपसी सम्मान है जो इतने वर्षों में विकसित हुआ है। अब मैं बस इसे इसी तरह से देखूंगा। हम जीतें या नहीं, कोई बात नहीं, लेकिन यही मेरा घर है।'