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Kohli on Dhoni: 'धोनी ने मेरे हार न मानने वाले जज्बे का समर्थन किया', कोहली ने इस तरह बनाई टीम इंडिया में जगह

Tue, 06 May 2025 04:19 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कोहली को अंडर-19 विश्व कप 2008 जीतने के तुरंत बाद ही भारतीय टीम में ब्रेक मिला था। उन्होंने कहा कि यह उनका दृढ़ संकल्प और तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और कोच गैरी कर्स्टन का समर्थन था, जिसने उन्हें टीम में नंबर तीन स्थान सुरक्षित करने में मदद की।
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धोनी और कोहली - फोटो : ANI
विराट कोहली ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में कई खुलासे किए हैं। उन्होंने टीम इंडिया में अपने डेब्यू और बल्लेबाजी क्रम में तीन नंबर पक्की करने को लेकर भी बयान दिया। कोहली ने कहा कि तब कप्तान रहे महेंद्र सिंह धोनी और कोच गैरी कर्स्टन ने उनके हार न मानने वाले जज्बे का समर्थन किया और उन्हें लगातार याद दिलाते रहे कि मेरी जिम्मेदारी क्या है और वह किस वजह से मेरा तीसरे नंबर पर समर्थन कर रहे हैं। कोहली ने मयंती लैंगर के साथ 'आरसीबी बोल्ड डायरीज' पॉडकास्ट में ये बातें कहीं।
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गैरी कर्स्टन - फोटो : ANI
धोनी और कर्स्टन ने बल्लेबाजी क्रम सुरक्षित करने में की मदद
भारत को अंडर-19 विश्व कप में खिताबी जीत दिलाने से किसी को सीनियर टीम में आसानी से एंट्री नहीं मिलती है और न ही इसकी कोई गारंटी है। हालांकि, कोहली को अंडर-19 विश्व कप 2008 जीतने के तुरंत बाद ही भारतीय टीम में ब्रेक मिला था। उन्होंने कहा कि यह उनका दृढ़ संकल्प और तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और कोच गैरी कर्स्टन का समर्थन था, जिसने उन्हें टीम में नंबर तीन स्थान सुरक्षित करने में मदद की।
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कोहली - फोटो : ANI
'स्वभाविक खेल खेलने के लिए प्रोत्साहित किया'
कोहली ने कहा, 'मैं अपनी क्षमता को लेकर बहुत यथार्थवादी था क्योंकि मैंने कई अन्य लोगों को खेलते हुए देखा था। मुझे ऐसा नहीं लगा कि मेरा खेल कहीं भी उनके करीब था। मेरे पास केवल दृढ़ संकल्प था। अगर मैं अपनी टीम को जीत दिलाना चाहता था, तो मैं कुछ भी करने को तैयार था। यही कारण था कि मुझे शुरुआत में भारत के लिए खेलने का मौका मिला। गैरी (कर्स्टन) और एमएस (धोनी) ने मुझे यह स्पष्ट कर दिया कि तीसरे नंबर पर मेरी जगह पक्की है।' कोहली ने कहा कि दोनों ने उन्हें अपना स्वाभाविक खेल खेलने के लिए प्रोत्साहित किया, क्योंकि उन्हें पता था कि कोहली मैदान पर टीम के लिए कुछ भी करने वाला और जीत के लिए लड़ने वाला खिलाड़ी है।

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कोहली - फोटो : ANI
'मैं कभी हार नहीं मानने वाला खिलाड़ी हूं'
उन्होंने कहा, 'धोनी और कर्स्टन ने मुझसे कहा आप मैदान पर जो भी करते हैं, आपकी ऊर्जा, आपकी प्रतिबद्धता, वह हमारे लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। हम चाहते हैं कि आप अपना स्वाभाविक खेल खेलें। मुझे कभी भी मैच जीतने वाले खिलाड़ी के रूप में नहीं देखा गया, जो कहीं से भी खेल का रुख बदल सकता है, लेकिन मेरे पास यह बात थी कि मैं लड़ता रहूंगा। मैं हार नहीं मानूंगा। इसी जज्बे का धोनी और कर्स्टन ने समर्थन किया था।' 
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रोहित शर्मा-विराट कोहली - फोटो : PTI
'नर्वस एनर्जी बहुत जरूरी है'
कोहली को लगता है कि क्रिकेट में सफलता के लिए नर्वस एनर्जी बहुत जरूरी है और कोई चाहे कितने भी रन बनाए, यह ऐसी चीज है जो खिलाड़ी को प्रतिस्पर्धी बनाए रखती है। उन्होंने कहा, 'जब आप युवा होते हैं तो आपको लगता है कि अगर मैं इस उम्र तक इतने रन बना लेता हूं या जो भी हो, तो चीजें आसान हो जाएंगी। ऐसा कभी नहीं होता। और यही वास्तव में मार्कर है। जब आप उस नर्वसनेस या इस बात की आशंका को महसूस करना बंद कर देते हैं कि चीजें कैसे सामने आने वाली हैं, तब लोग कहते हैं कि आपका काम तमाम हो गया है। तो इसे खुद से दूर मत होने दीजिए क्योंकि यही नवर्स एनर्जी आपको उस पल, उस वर्तमान क्षण में जो करने की जरूरत है, उसे करने के लिए व्यस्त रखती है।'
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