कार्तिक ने 247 आईपीएल मैचों में 26.02 की औसत और 133 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 4,606 रन बनाए हैं। इनमें 20 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 97* रन का है। वह टूर्नामेंट के इतिहास में 10वें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं।
अनुभवी भारतीय और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने रविवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2019 में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के साथ अपने संघर्ष के दिनों के दौरान अपने क्रिकेट करियर के सबसे बड़े पछतावे और स्पिनर कुलदीप यादव के साथ तनावपूर्ण संबंधों पर खुलकर बात की। मौजूदा समय में आरसीबी के लिए खेल रहे कार्तिक ने फिनिशर के रूप में इस सीजन कुछ अच्छी परफॉर्मेंस दी है, लेकिन टीम को उसका फायदा नहीं हुआ। यह उनका आखिरी आईपीएल सीजन माना जा रहा है। कार्तिक ने इस सीजन चार मैचों में 45.00 की औसत और 173 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 90 रन बनाए हैं।
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दिनेश कार्तिक
- फोटो : IPL/BCCI
इन टीमों के लिए आईपीएल में खेल चुके कार्तिक
कार्तिक ने 247 आईपीएल मैचों में 26.02 की औसत और 133 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 4,606 रन बनाए हैं। इनमें 20 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 97* रन का है। वह टूर्नामेंट के इतिहास में 10वें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। 2010 तक दिल्ली कैपिटल्स के साथ अपने कार्यकाल के बाद इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स, 2011), मुंबई इंडियंस (2012-13), 2014 में फिर से दिल्ली के साथ, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (2015, 2022-अब तक), गुजरात लायंस (2016-17), कोलकाता नाइट राइडर्स (2018-21) के साथ भी काम किया है। उन्होंने MI के साथ 2013 का आईपीएल खिताब भी जीता था, जो आज तक उनका एकमात्र आईपीएल खिताब है।
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दिनेश कार्तिक
- फोटो : IPL/BCCI
अश्विन के साथ में बोले कार्तिक
मुंबई इंडियंस के साथ 2013 सीजन जीतने वाले कार्तिक ने रविचंद्रन अश्विन के यूट्यूब चैनल पर कहा कि उन्हें खेद है कि वह 2013 के शानदार सीजन के बाद वह फ्रेंचाइजी द्वारा खुद रिटेन नहीं कराना चाहते थे। एमआई के साथ रहने से उन्हें और भी बेहतर खिलाड़ी बनने में मदद मिलती। उनका एक और अफसोस चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के साथ कभी नहीं जुड़ना है।
कार्तिक ने कहा- अगर आप मुझसे आईपीएल में मेरे पछतावे के बारे में पूछते हैं तो वह यह है कि मैं 2013 में रिटेन नहीं होना चाहता था। मुझे जीवन में बहुत पछतावा नहीं है। मैं उस तरह का व्यक्ति नहीं हूं, लेकिन अगर मुझे आईपीएल के संदर्भ में अपने क्रिकेट करियर में दो पछतावे के बारे में पूछते हैं तो उनमें से एक रिटेन नहीं होने का फैसला, क्योंकि मुझे लगता है कि मुंबई इंडियंस एक ऐसी टीम थी जो सच में मुझे आगे बढ़ने और एक बेहतर खिलाड़ी बनने में मदद कर सकती थी।
उन्होंने कहा- दूसरा अफसोसो यह है कि मैं अब तक सीएसके का प्रतिनिधित्व नहीं कर सका, लेकिन मैं यह समझता हूं। इस बात का पछतावा है क्योंकि मैं नहीं खेल सका। मेरा मतलब है कि मैं चेन्नई से हूं और मैंने अपना सारा क्रिकेट वहीं खेला है और मैं पीली जर्सी का हिस्सा बनना पसंद करता, लेकिन मैं हमेशा उनका सम्मान करता हूं क्योंकि वे वास्तव में हर साल मुझे नीलामी में लाने की कोशिश करते हैं।
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दिनेश कार्तिक
- फोटो : IPL/BCCI
मुंबई को लेकर कार्तिक का बयान
विकेटकीपर-बल्लेबाज ने कहा कि उनके पास मुंबई इंडियंस के साथ रहने का विकल्प था, लेकिन उन्होंने बुनियादी ढांचे, स्टार पावर और कप्तान-कोच रोहित शर्मा और रिकी पोंटिंग के नेतृत्व के बावजूद नहीं रहना चुना। उन्होंने यह भी कहा कि उनके अंबानी परिवार के साथ भी अच्छे संबंध थे, जो फ्रेंचाइजी के मालिक थे। कार्तिक ने कहा- मेरे पास टीम में बने रहने का अवसर था और मैंने इसे ठुकरा दिया क्योंकि मुझे लगा कि अगर मैं नीलामी में गया तो मुझे बड़े मौके मिल सकते हैं। मुझे लगा कि अगर मैं उस समय मुंबई इंडियंस का हिस्सा होता, तो मैं एक खिलाड़ी के रूप में बहुत अधिक विकसित होता। उनके पास जिस तरह का बुनियादी ढांचा था, जिस तरह की टीम उन्होंने बनाई थी और जो खिलाड़ी उसका हिस्सा थे, वह शानदार थी। पोंटिंग कोच थे और टीम मालिकों के साथ भी मेरे अच्छे संबंध थे।
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दिनेश कार्तिक
- फोटो : सोशल मीडिया
मुंबई टीम के मालिकों को लेकर कार्तिक का बयान
उन्होंने कहा, 'आकाश, अनंत और कुछ हद तक नीता भाभी के साथ भी मेरे अच्छे संबंध थे। अगर मैं उस टीम का हिस्सा होता, तो इससे मुझे एक क्रिकेटर और एक व्यक्ति के रूप में विकसित होने में मदद मिलती और इसलिए जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो देखता हूं कि एक दशक बीत चुका है जब मैंने मुंबई में रहने का एक मौका गंवा दिया।' 2013 के आईपीएल सीजन में कार्तिक ने 19 मैचों में 28.33 की औसत और 124 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से दो अर्धशतक के साथ 510 रन बनाए थे। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 86 रन रहा था।
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कुलदीप और दिनेश
- फोटो : IPL/BCCI
कुलदीप से संबंध पर कार्तिक का बयान
2018-20 से केकेआर की कप्तानी करने वाले कार्तिक ने स्वीकार किया कि स्पिनर कुलदीप यादव के साथ उनकी कुछ 'गंभीर बातचीत' हुई थी। कुलदीप को 2019 सत्र में नौ मैचों में सिर्फ चार विकेट लेने के बाद बेंच पर रहना पड़ा था। विकेटकीपर-बल्लेबाज ने खुलासा किया कि स्पिनर तब उतना अच्छा नहीं कर रहा था जितना वह अभी कर रहा है और उन्हें कुलदीप के साथ ईमानदारी से बातचीत करनी थी। कार्तिक ने तब से अब तक, कुलदीप की प्रगति पर खुशी व्यक्त की है और कहा कि वह एक बेहतर गेंदबाज और विश्व-विजेता खिलाड़ी बन गए हैं। कार्तिक ने उम्मीद जताई कि कुलदीप, जो 2022 से दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा हैं, अब समझ रहे हैं कि वह बतौर कप्तान उन्हें क्या संदेश देना चाहते थे। केकेआर के पूर्व कप्तान ने कहा कि उनके बीच कुछ भी व्यक्तिगत नहीं था।
'कभी-कभी दोस्ती भी गंवानी पड़ सकती है'
कार्तिक ने कहा- एक फ्रेंचाइजी का नेतृत्व करना पूरी तरह से एक अलग काम है। कई तरह और देश के खिलाड़ी टीम में हैं और आपको सभी चुनौतियों से निपटना होता है। आप उनके साथ बहुत ईमानदार होते हैं। एक कप्तान के रूप में आप कुछ दोस्त भी खो सकते हैं। जब मैं केकेआर की कप्तानी कर रहा था तो कुलदीप यादव इतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे जितना अभी कर रहे हैं। उनके साथ गंभीर बातचीत हुई थी, और मुझे नहीं लगता कि उन्होंने उस स्तर पर मेरी सराहना की होगी। मुझे उनके साथ सख्त होना पड़ा था।
उन्होंने कहा, 'कुलदीप के लिए वह काफी मुश्किल समय था। मुझे लगता है कि उस कठिन समय ने उन्हें आज एक बेहतर गेंदबाज बनाया है। मेरा दुर्भाग्य यह है कि मुझे उनके जीवन के उस बुरे दौर का हिस्सा बनना पड़ा। मुझे उम्मीद है कि वह समझेंगे कि मैंने क्या किया। मैं नहीं चाहता कि वह इसकी सराहना करें और सबकुछ ठीक हो। आपको टीम के लिए फैसले लेने होते हैं और इसमें कुछ भी व्यक्तिगत नहीं था।'