भारत बनाम बांग्लादेश
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मयंक अचानक यहां उन दिव्यांग छात्रों के पास पहुंच गए, जो स्टैंड में बैठकर दिन भर उनकी बैटिंग का लुत्फ उठा रहे थे। ये छात्र बोल व सुन नहीं सकते, लेकिन उन्होंने मयंक की बैट की भाषा को दिन भर समझा था। इन सभी छात्रों के दिन तब और भी खास बन गया, जब उनके हीरो मयंक अपने इन फैन्स से मिलने के लिए मैदान के स्टैंड तक पहुंच गए।