न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ 36 साल बाद कोई टेस्ट मैच जीता है। इससे पहले 1969 में न्यूजीलैंड ने भारत को ग्राहम डॉलिंग की कप्तानी में नागपुर में 167 रन से हराया था।
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा न्यूजीलैंड के खिलाफ बंगलुरू में खेले गए पहले टेस्ट मैच में मिली हार से चिंतित नहीं हैं। उनका कहना है कि भारतीय टीम को पता है झटका लगने के बाद किस तरह सीरीज में वापसी करनी होती है और टीम अगले मैच में ऐसा करेगी। रोहित ने अतीत में भारतीय टीम द्वारा की गई वापसी को याद दिलाया। उनका इशारा इंग्लैंड के खिलाफ इस साल की शुरुआत में की गई वापसी पर था।
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रोहित शर्मा
- फोटो : BCCI
न्यूजीलैंड ने 36 साल भारत में जीता टेस्ट
न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ 36 साल बाद कोई टेस्ट मैच जीता है। इससे पहले 1969 में न्यूजीलैंड ने भारत को ग्राहम डॉलिंग की कप्तानी में नागपुर में 167 रन से हराया था। वहीं, 1988 में वानखेड़े में जॉन राइट की कप्तानी मे न्यूजीलैंड ने भारत रो 136 रन से हराया था। न्यूजीलैंड की टीम इस मैच में शुरुआत से ही भारत पर दबाव बनाने में सफल रही थी। उसने पहले टीम इंडिया को पहली पारी में 46 रन पर ढेर किया था और खुद पहली पारी में 402 रन बनाकर 356 रनों की बड़ी बढ़त हासिल कर ली थी। भारत ने फिर दूसरी पारी में वापसी की कोशिश की थी, लेकिन उसकी दूसरी पारी 462 रन पर सिमटी और भारत ने न्यूजीलैंड के सामने 107 रनों का आसान लक्ष्य रखा जिसे कीवी टीम ने दो विकेट खोकर प्राप्त कर लिया।
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रोहित शर्मा
- फोटो : PTI
'नहीं लगा था 50 से कम स्कोर पर ढेर होंगे'
रोहित ने मैच के बाद कहा, मैं पहले भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि ओवरकास्ट कंडीशंस में खेलना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन मुझे उम्मीद नहीं थी कि हम 50 रन से भी कम के स्कोर पर सिमट जाएंगे। जहां श्रेय देना चाहिए वो मिलेगा। न्यूजीलैंड ने शानदार गेंदबाजी की और हमें हर जगह चुनौती दी। हम इसका जवाब देने में असफल रहे। इस तरह के मैच आते हैं और हमें समझना होगा कि हमने इस मैच में क्या किया और आगे किस तरह बेहतर कर सकते हैं।
भारतीय कप्तान ने इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ हुई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में वापसी का उदाहरण देते हुए कहा, टीम में ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं जिन्होंने ऐसी स्थिति का सामना किया है। इंग्लैंड के खिलाफ हम सीरीज में 0-1 से पीछे चल रहे थे और फिर हमने वापसी करते हुए टेस्ट सीरीज 4-1 से अपने नाम की थी।
कप्तान ने पंत-सफराज को सराहा
भारत ने दूसरी पारी में बल्लेबाजी में दम दिखाया था और सरफराज खान तथा ऋषभ पंत ने चौथे विकेट के लिए 177 रनों की साझेदारी की थी। इन दोनों बल्लेबाजों की शानदार बल्लेबाजी के दम पर ही भारत दूसरी पारी में बढ़त लेने में सफल रहा था। रोहित ने इन दोनों खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा, पंत ने कुछ जोखिम लिए जो उनके लिए फायदेमंद रहा। यह एक परिपक्व पारी थी। सरफराज के योगदान को भी नहीं भूलना चाहिए जिन्होंने अपने चौथे ही टेस्ट में परिपक्वता दिखाई। जब आप अपने दिमाग में स्पष्ट होते हैं तो अच्छी स्थिति में आ जाते हैं। सभी को पता है कि ऐसी स्थिति में क्या करना है और हम अगले मैच में वापसी करेंगे।