ऑस्ट्रेलियाई टीम सबसे ज्यादा पांच बार इस टूर्नामेंट को जीती है। उसने 2010, 2012, 2014, 2018 और 2020 में खिताब पर कब्जा किया था। पिछली बार जब वह ट्रॉफी जीती थी तब उसने फाइनल में भारत को हराया था।
दक्षिण अफ्रीका में चल रहे महिला टी20 विश्व कप में भारत की सबसे बड़ी परीक्षा गुरुवार (23 फरवरी) को होगी। टीम इंडिया के सामने सेमीफाइनल में गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया होगी। कंगारू टीम सबसे ज्यादा पांच बार इस टूर्नामेंट को जीती है। उसने 2010, 2012, 2014, 2018 और 2020 में खिताब पर कब्जा किया था। पिछली बार जब वह ट्रॉफी जीती थी तब उसने फाइनल में भारत को हराया था। टीम इंडिया मेलबर्न में मिली उस हार का बदला लेने के लिए उतरेगी। हालांकि, इस मैच से पहले टीम प्रबंधन को कुछ कमियों को सुधारना होगा।
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स्मृति मंधाना
- फोटो : अमर उजाला
भारत का सफर इस टूर्नामेंट में अब तक मिला-जुला रहा है। उसने पाकिस्तान और वेस्टइंडीज को हराकर दो मैच में चार अंक हासिल कर लिए थे। उसके बाद उसे इंग्लैंड के खिलाफ हार मिली। आयरलैंड के खिलाफ बारिश ने साथ दिया और डकवर्थ लुईस नियम से टीम पांच रनों से जीत गई। इन चार मुकाबलों में टीम कुछ खिलाड़ियों के प्रदर्शन के बदौलत जीती है। एक या दो खिलाड़ी के बदौलत ऑस्ट्रेलिया को हराना मुश्किल होगा। ऐसे में कई क्षेत्रों में टीम को सुधार करने होंगे। हम आपको यहां उन तीन कमियों के बारे में बता रहे हैं जिसे टीम इंडिया को दूर करना होगा...
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शेफाली वर्मा
- फोटो : सोशल मीडिया
1. ओपनर शेफाली वर्मा का रन बनाना जरूरी: भारतीय महिला अंडर-19 टीम को अपनी कप्तानी में चैंपियन बनाने वाली शेफाली वर्मा का बल्ला टूर्नामेंट में अब तक खामोश रहा है। वह चार मैचों में अब तक 33, 28, 8 और 24 रन की पारी खेल सकी हैं। शेफाली ने तीन मैचों में अच्छी शुरुआत की, लेकिन उसे बड़ी पारी में नहीं बदल पाईं। वह अपनी गलतियों से सबक लेने में नाकाम रही हैं जिसमें स्ट्राइक रोटेट नहीं कर पाना और शॉर्ट गेंद के खिलाफ उनकी कमियां शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्हें इस मामले में सुधार करना होगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो मध्यक्रम पर एक बार फिर से दबाव आएगा।
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हरमनप्रीत कौर
- फोटो : सोशल मीडिया
2. हरमनप्रीत कौर का बल्ला भी खामोश: 150 टी20 मैच खेल चुकी हरमनप्रीत कौर इस टीम की सबसे अनुभवी बल्लेबाज हैं। उनका बल्ला इस टूर्नामेंट में अब तक खामोश रहा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच को छोड़ दें तो वह 20 रन के आंकड़े को भी नहीं छू सकी हैं। हरमनप्रीत ने 16, 33, 3 और 13 रन की पारियां खेली हैं। वह पिछली छह पारियों में अर्धशतक भी नहीं लगा सकी हैं। कप्तान हरमनप्रीत काफी दबाव में हैं। वह उन कुछ बल्लेबाजों में शामिल हैं जो गेंद को लंबी दूरी तक हिट कर सकती हैं, लेकिन उनमें निरंतरता की कमी है। अगर टीम इंडिया हारती है तो उनकी कप्तानी भी जा सकती है।
3. गेंदबाजों को देना होगा रेणुका का साथ: रेणुका ठाकुर ने गेंदबाजी विभाग में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कुल सात विकेट झटके हैं। इनमें इंग्लैंड के खिलाफ 15 रन देकर पांच विकेट भी शामिल है। दीप्ति शर्मा ने आयरलैंड के खिलाफ अपने एक ओवर में काफी रन लुटा दिए। उनके अलावा पूजा वस्त्राकर, राजेश्वरी गायकवाड़ और राधा यादव भी ज्यादा प्रभावी नहीं रही हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ इन गेंदबाजों को सटीक गेंदबाजी करनी होगी।