संयुक्त राष्ट्र महासभा
- फोटो : ट्विटर/संयुक्त राष्ट्र
यदि भारत यूएनजीए में यूक्रेन का समर्थन नहीं करता तो..
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान राजदूत से जब सवाल किया गया कि क्या हिंद प्रशांत सहित अन्य क्षेत्रों में चीन के आक्रामक व्यवहार का मुद्दा भी वार्ता में शामिल होगा, जवाब में उन्होंने कहा, यह विषय भी एजेंडे में शीर्ष पर रहेगा। यह पूछे जाने पर कि भारत अगर यूक्रेन पर यूएनजीए के आगामी प्रस्ताव का समर्थन नहीं करता है तो क्या यह कदम जर्मनी के लिए निराशाजनक होगा, राजदूत ने कहा, इस संबंध में फैसला भारत को करना है। वोटिंग में भाग लेने या उससे दूरे रहना किसी भी देश का संप्रभु फैसला है। हमने भारतीय पक्ष से संपर्क किया है। हम नहीं जानते कि उनकी क्या प्रतिक्रिया होगी।