टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया ने 84 साल पूरे कर लिए हैं, इन सालों में आज का दिन उसके लिए बेहद खास है क्योंकि वह अपना 500वां टेस्ट मैच खेल रही है। भारत का 1932 से शुरू हुआ सफर 500वें टेस्ट मैच तक पहुंच गया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाला भारत चौथी टीम है। इस लंबे सफर पर जानते हैं टीम इंडिया की 7 चुनिंदा बातें जो आपको शायद मालूम न हो।
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टेस्ट क्रिकेट में 84 साल की टीम इंडिया, जानें, 7 कम चर्चित खास बातें
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सुनील गवस्कर
पहला, भारत ने 84 सालों में 499 टेस्ट मैच खेले हैं। 84 सालों का बंटवारा किया जाए तो शुरुआती 42 सालों में टीम इंडिया को 19 मैचों में जीत मिली तो अगले 42 सालों में उसे 110 जीत मिली। अंतिम 42 सालों में टीम का जीत का औसत 29.89 रहा।
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नमन ओझा
- फोटो : getty
दूसरा, टीम इंडिया के लिए अब तक 285 क्रिकेटरों को टेस्ट में खेलने का मौका मिला है। भारत के 285वें क्रिकेटर का नाम है नमन ओझा। विकेटकीपर-बल्लेबाज ओझा ने पिछले साल अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। क्या आप जानते हैं कि भारत की ओर से टेस्ट खेलने वाला पहला क्रिकेटर कौन था।
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तीसरा, टीम इंडिया की ओर से टेस्ट खेलने वाले पहले खिलाड़ी का नाम है अमर सिंह। अमर सिंह ने 1932 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। चूंकि यह मैच भारत का पहला ही टेस्ट था तो इस मैच में 11 खिलाड़ियों ने टेस्ट में पदार्पण किया था। अमर सिंह के बाद सोराबजी कोल्हा का नंबर आता है। भारत यह मैच 132 रन से हार गया था।
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लाला अमरनाथ
- फोटो : Getty
चौथा, टीम इंडिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में अब तक 32 खिलाड़ियों को कप्तानी करने का मौका मिला है। सीके नायडू भारत के पहले टेस्ट कप्तान थे तो विराट कोहली 32वें। लाला अमरनाथ भारत के चौथे और देश की आजादी के बाद के पहले कप्तान थे।
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महेंद्र सिंह धोनी
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पांचवां, टीम इंडिया की ओर से टेस्ट में डेब्यू करने वाले 200वें खिलाड़ी का नाम है नयन मोंगिया। जबकि एक दिन पहले ही मुख्य चयनकर्ता बने एमएसके प्रसाद के टेस्ट कैप का नंबर है 222। महेंद्र सिंह धोनी के टेस्ट कैप का नंबर है 251, जबकि कोहली का नंबर है 269।
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वीरेंद्र सहवाग
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छठा, 10 से ज्यादा टेस्ट मैच में कप्तानी करते हुए वर्तमान कप्तान विराट कोहली के नाम जीत के मामले में अब तक का बेस्ट रिकॉर्ड है। उनकी कप्तानी में टीम की जीत का औसत 50.00% है। जबकि महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में जीत का औसत 45.76 है। जबकि वीरेंद्र सहवाग ने 4 मैचों में कप्तानी की जिसमें भारत को 2 जीत मिली, इस तरह से उनका भी जीत का औसत 50 फीसदी है, लेकिन वह सिर्फ 4 मैचों में ही अगुवाई कर सके।
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महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली
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सातवां, महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया को सबसे ज्यादा जीत मिली। धोनी ने 60 मैचों में कप्तानी करते हुए भारत को 27 मैचों में जीत दिलाई है। सौरव गांगुली की अगुवाई में भारत को 49 मैचों में 21 में जीत मिली। जबकि सुनील गावस्कर के नाम बतौर कप्तान सबसे ज्यादा मैच को ड्रॉ पर खत्म कराने का रिकॉर्ड है। उनकी कप्तानी में भारत ने 47 टेस्ट खेले जिसमें 30 मैच ड्रा रहे और 9 में जीत मिली।