अपने ट्विटर अकाउंट से पोस्ट किए विडियो में हरभजन ने दावा किया था कि उन्होंने इस पुरस्कार के नामांकन के लिए अपना फॉर्म पंजाब खेल विभाग को समय से जमा करा दिया था। हरभजन ने कहा, ‘मुझे मीडिया के जरिए पता चला कि राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के लिए पंजाब सरकार ने मेरे नाम की सिफारिश करने वाली जो फाइल केंद्र को भेजी थी, उसे यह कारण बताकर खारिज कर दिया गया कि कागजात काफी देरी से पहुंचे।’