विश्व कप 1983
जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच भारतीय टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाने में सबसे अहम साबित हुआ। अंत में भारत को महज 31 रन से जीत हासिल हुई, लेकिन इस के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ियों के अंदर यह आत्मविश्वास जागा कि हम मैच में किसी भी परिस्थिति में वापसी करने में सक्षम हैं। इसके बाद कपिल की सेना कोई मैच नहीं हारी और विश्व फतह कर स्वदेश वापस लौटी।