नासिर जमशेद
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि 2016 में बांग्लादेश प्रीमियर लीग में भी फिक्सिंग का प्रयास किया गया था, जबकि पाकिस्तान सुपर लीग 2017 में मैच फिक्स किए गए। दोनों मामलों में इस सलामी बल्लेबाज ने एक ओवर की पहली दो गेंदों पर रन नहीं बनाए, जिसके बदले में उसे पैसे मिले।