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जब वीरू के गुरु मंत्र से कप्तान गांगुली ने रचा था इतिहास, इंग्लैंड को घर में हराकर लिया था बदला

Sun, 04 Apr 2021 04:52 PM IST
ओम. प्रकाश स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लॉर्ड्स की बाल्कनी में टी-शर्ट लहराते दादा - फोटो : ट्विटर
भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने साल 2002  नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल को याद करते हुए वीरेंद्र सहवाग को लेकर एक दिलचस्प किस्सा बताया है। उनका कहना है कि उस मैच में सहवाग ने उन्हें कप्तानी का पाठ पढ़ाया था। भारत ने इस मैच में 326 रनों के लक्ष्य को बल्लेबाजी करते हुए हासिल किया था। भारत ये करिश्मा गांगुली और सहवाग की ठोस शुरूआत के चलते करने में सफल रहा। 
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Yuvraj Singh Sourav Ganguly - फोटो : सोशल मीडिया
लॉर्ड्स पर खेले गए इस मैच में युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ ने कमाल की बल्लेबाजी की। उनकी इन पारियों के चलते भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दर्ज करने में सफल रही। एक वक्त मध्यक्रम में टीम इंडिया के कुछ विकेट जल्दी गिर गए लेकिन कैफ और युवराज की जोड़ी ने भारत को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। 
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वीरेंद्र सहवाग - फोटो : ट्विटर
इसके बावजूद टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली जीत का श्रेय सहवाग को देते हैं। गांगुली का कहना है कि मैच में सहवाग ने उन्हें कप्तानी का पाठ पढ़ाया था। गांगुली ने एक यूट्यूब चैनल पर एक्स्ट्रॉ क्लास प्रोग्राम के दौरान बात करते हुए कहा, हम फाइनल में 326 रन चेज कर रहे थे। जब हम ओपनिंग के लिए आ रहे थे तो मैं निराश और परेशान था, लेकिन सहवाग ने कहा था कि हम जीतेंगे। हमने अच्छी शुरूआत की और 12 ओवर में 82 रन बनाए। गांगुली ने आगे कहा, मैंने सहवाग से कहा था कि हमें नए गेंदबाजों को देखना है विकेट नहीं खोना है और सिंगल्स पर फोकस करना है। 

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वीरेंद्र सहवाग - फोटो : ट्विटर
गांगुली ने आगे कहा कि जब रोनी ईरानी ओवर फेंकने आए तो सहवाग ने उसकी पहली गेंद पर चौक लगाया। मैं उसके पास गया और कहा कि अब एक बाउंड्री मिल गई है अब हमें सिंगल लेना है। लेकिन उसने मेरी बात नहीं सुनी और ईरानी की दूसरी गेंद पर भी चौका जड़ा इसके अलावा वीरू में तीसरी गेंद पर भी चौका लगाया। 
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sourav ganguly
गांगुली ने कहा मैं गुस्से में था। उसने पांचवी गेंद पर भी चौका लगाया। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें जल्द ही अनुभव हुआ कि सहवाग को रोकने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि उसका नैसर्गिक खेल आक्रामक है। उन्होंने आगे कहा कि एक कप्तान को एक खिलाड़ी की सोच में खुद को समायोजित करने की जरूरत होती है। 
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नेटवेस्ट फाइनल - फोटो : social media
भारत ने इस ऐतिहासिक मुकाबले में इंग्लैंड को 2 विकेट से हराया था। टीम इंडिया ने जब इंग्लैंड पर जीत दर्ज की तो उस समय 2 गेंदें फेकी जानी बाकी थीं। ये भारत द्वारा वनडे में उस समय चेज किया गया सबसे बड़ा स्कोर था। 87 रनों की नाबाद पारी खेलने वाले मोहम्मद कैफ को प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। 
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