अगर भारत यह मैच जीतने में सफल रहता है तो निश्चित तौर पर इसका सारा श्रेय कप्तान कोहली को ही जाएगा, लेकिन शानदार बल्लेबाजी के आगे हम भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को नहीं भूला सकते। खासतौर पर अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने दोनों पारियों में मिलाकर 7 विकेट चटके, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।