भारत के खिलाफ पहले टेस्ट में मैन ऑफ द मैच बने ऑलराउंडर सैम करन खुशी के इस पल में अपने पिता को याद नहीं करना नहीं भूले जिसे उन्होंने कुछ वर्षों पहले खो दिया था। उनके पिता केविन जिम्बाब्वे के लिए 11 वनडे खेले थे। सैम ने कहा, मैं 12 साल था जब मैंने पिता को खो दिया था। वह बेहद मुश्किल दौर था लेकिन हमारा परिवार काफी मजबूत है। हम तीनों भाई एक-दूसरे के काफी नजदीक हैं।
अपने करियर में मां के योगदान को याद करते हुए सैम कहते हैं, 'हम भाईयों को क्रिकेट खेलने के लिए काफी समर्थन मिला, मां ने प्रोत्साहित किया। इस संघर्ष ने हमें एक इंसान के रूप में काफी मजबूत किया है।