उन्होंने कहा, ‘उन्होंने कुछ काउंटी क्रिकेट भी इंग्लैंड में खेला है जहां पिचें अलग है और उन पर स्पिनरों को मदद नहीं मिलती।’ पुजारा ने कहा,‘उन्हें पता है कि ऑस्ट्रेलिया में उन्हें क्या करना है। उन्होंने 2014-15 शृंखला भी खेली थी। अब उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और उन्हें जो बदलाव करने थे, वह कर चुके हैं।’