रविवार को भारत ने अपनी दूसरी पारी 7 विकेट पर 343 रन बनाकर घोषित की। इसके बाद मेजबान टीम को जीत के लिए 419 रन का लक्ष्य मिला। जीत के बाद कप्तान विराट कोहली ने अजिंक्य रहाणे की तारीफ की। साथ ही उन्होंने युवा पेसर जसप्रीत बुमराह को टेस्ट चैंपियनशिप में तुरुप का इक्का बताया।
रहाणे की तारीफ में विराट ने कहा, 'जिंक्स दोनों पारियों में शानदार रहे। हमें मैच में तीन चार बार वापसी करनी पड़ी, यहां टेस्ट में हमारे टेम्परामेंट अच्छा रहा है। खिलाड़ियों का भार मैनेज करना हमारे लिए बहुत अहम है, इसीलिए वे (बुमराह) विश्व कप के बाद सफेद गेंद क्रिकेट नहीं खेले। हम चाहते थे कि वे इस टेस्ट सीरीज में तरोताजा होकर मैदान पर आएं वे हमारे लिए टेस्ट चैंपियनशिप के लिए खास खिलाड़ी हैं। हम जानते हैं कि वे कितने अच्छे खिलाड़ी हैं।'
कोहली ने बतौर कप्तान विदेशी धरती पर 12वीं जीत हासिल की। वह विदेशी धरती पर सबसे ज्यादा टेस्ट मैच जीतने वाले भारतीय कप्तान बन गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने 27वीं टेस्ट जीत हासिल कर सबसे सफल भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के रिकॉर्ड की भी बराबरी कर ली।
इस मैच में टीम इंडिया ने पहली पारी में 297 रन बनाए और उसके बाद वेस्टइंडीज को 222 रन पर आउट कर दिया। दूसरी पारी में टीम इंडिया ने 343 रन बनाकर वेस्टइंडीज को 419 रन का लक्ष्य दिया, लेकिन वेस्टइंडीज की टीम केवल 100 रन पर ही आउट होकर 318 रन से मैच हार गई।
इस मैच में अजिंक्य रहाणे ने पहली पारी में 81 रन और दूसरी पारी में 102 रन बनाए। वे मैच में सबसे ज्यादा स्कोर करने वाले बल्लेबाज रहे। मैन ऑफ द मैच का खिताब पाने के बाद रहाणे ने कहा, '29 या 30 पारियों बाद शतक बनाकर स्पेशल महसूस कर रहा हूं, लेकिन इस मैच में मेरी पहली पारी ज्यादा गंभीर थी। जब एक वक्त हम 20 रन पर 3 विकेट गंवा चुके थे। हमे साझेदारी की जरूरत थी और मैंने और राहुल ने मिलकर यह काम किया। रहाणे ने बताया कि पिछले कुछ समय से इंग्लैंड में जाकर काउंटी क्रिकेट में खेलने से उनकी बल्लेबाजी को फायदा हुआ और उन्होंने अपने इस शतक का श्रेय अपने इस अनुभव को दिया।'
मैच की दूसरी पारी में अजिंक्य रहाणे की शानदार सेंचुरी के अलावा जसप्रीत बुमराह ने पांच और ईशांत शर्मा ने चार विकेट लेकर वेस्टइंडीज की पारी केवल 100 रन पर समेटकर मैच टीम इंडिया के नाम कर दिया। इसके पहले भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज में टी-20 और वन-डे सीरीज भी अपने नाम की थी।