भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राहुल जौहरी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगने के बाद अब उनकी परेशानी बढ़ती नजर आ रही है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रशासकों की समिति (सीओए) ने राहुल से इस मामले पर एक सप्ताह के भीतर सफाई देने को कहा है।
लेखक हरनिध कौर ने इस अज्ञात पीड़ित के आरोपों को पोस्ट किया है जिन्होंने डिस्कवरी चैनल पर जौहरी की पूर्व साथी होने का दावा किया है। जौहरी ने 2001 से 2016 तक इस चैनल के साथ विभिन्न पदों पर काम किया, इसके बाद वह बीसीसीआई के सीईओ बने।
कौर की ट्वीट ने स्क्रीनशाट भी हैं और इसमें कथित घटना को विस्तार से बताया गया है। इसके अनुसार, 'कई आला अधिकारियों के खिलाफ मीडिया में ईमेल भेजे गये हैं। पीड़ित ने सभी नाम नहीं बताने को कहा है। राहुल जौहरी, तुम्हारा समय खत्म, #मीटू।'
इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया करते हुए उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त सीओए ने जौहरी से स्पष्टीकरण मांगा है, इसमें कोई समय सीमा नहीं दी गयी है। सीओए के बयान के अनुसार, 'इन रिपोर्ट में अज्ञात व्यक्ति ने ट्विटर हैंडल पर राहुल जौहरी के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों का खुलासा किया है। ये आरोप उनकी पिछले कार्यकाल से संबंधित हैं। '
इसमें कहा गया है, 'हालांकि, ये आरोप बीसीसीआई में उनके कार्यकाल के दौरान से संबंधित नहीं है, पर बीसीसीआई की प्रशासकों की समिति को यह उचित लगा कि उनसे इन आरोपों के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा जाये।' इसके अनुसार, 'उन्हें एक हफ्ते के अंदर स्पष्टीकरण सौंपने के लिए कहा गया है। आगे की कार्रवाई इसके अनुसार होगी।'