कान फिल्म फेस्टिवल 2022
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
75 वें कान फिल्म फेस्टिवल के समापन समारोह में फ्रेंच अभिनेता विंसेंट लिंडो (अध्यक्ष), ईरानी निर्देशक असगर फरहादी , भारतीय अभिनेत्री दीपिका पादुकोण आदि की जूरी ने इन पुरस्कारों की घोषणा की। दुनिया भर की छोटी बड़ी 147 फिल्मों के प्रदर्शन के साथ 75 वां कान फिल्म समारोह सम्पन्न हो गया। कोरोनावायरस के संकट के बाद यह सबसे बड़ा ऐसा फिल्म समारोह था जिसमें स्वास्थ्य संबंधी कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया। भारत में आजादी का अमृत महोत्सव चल रहा है। आजादी की 75वीं जयंती को देखते हुए सबसे ज्यादा भारतीय इस बार कान फिल्म समारोह में आए। इस बार कान क्लासिक में भारतीय राष्ट्रीय फिल्म आर्काइव, पुणे द्वारा संरक्षित सत्यजीत राय की बांग्ला फिल्म 'प्रतिद्वंद्वी' (1970) और शिवेंद्र सिंह डूंगरपुर द्वारा संरक्षित जी अरविंदम की मलयालम फिल्म 'थम्प, द सर्कस टेंट’ (1978) दिखाई गई। स्पेशल स्क्रीनिंग में दिल्ली के शौनक सेन की फीचर डाक्यूमेंट्री 'आल दैट ब्रीद' और प्रथम खुराना की शार्ट फिल्म 'नौहा' को काफी पसंद किया गया। कान फिल्म बाजार में इस बार भले ही भारत को 'ऑनर आफ द कंट्री' का दर्जा दिया गया हो या दीपिका पादुकोण को मुख्य जूरी में लिया गया हो, पूरे समारोह में भारत की उपस्थिति मुख्य समारोह में नगण्य थी। भारत की उपस्थिति इंटरनेशनल विलेज के इंडियन पैविलियन तक सीमित थी जहां हर समय भारी भीड़ लगी रही।