जेएनयू कैंपस स्थित स्कूल ऑफ सोशल साइंस बिल्डिंग 3 के बाहर कश्मीर की आजादी का पोस्टर विवाद शुरू होने के तीसरे दिन भी हटाया नहीं जा सका। विश्वविद्यालय प्रबंधन पोस्टर पर उठे विवाद के बाद पोस्टर को हटाना चाहता है, लेकिन वामपंथी छात्र संगठन अभिव्यक्ति की आजादी की बात दोहराते हुए पोस्टर को हटाने नहीं दे रहे हैं।
वहीं, एबीवीपी पोस्टर हटाने की मांग पर अड़ा हुआ है। वह सोमवार को कुलपति को इस संबंध में मांगपत्र भी सौंपेगा। जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व संयुक्त सचिव व एबीवीपी पदाधिकारी सौरभ शर्मा का कहना है कि कश्मीर की आजादी की मांग करने वाले पोस्टर पर प्रशासन ने अभी तक कार्रवाई नहीं की है।
एक तरफ तो प्रशासन बोल रहा है की उसने आर्डर निकाल दिया है, लेकिन दूसरी तरफ अभी भी पोस्टर लगा हुआ है। प्रशासन का यह दोहरा रवैया एक बार फिर अराजक तत्वों को मौका दे रहा है की वे देश विरोधी बातें करके भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता को हाशिये पे रखे।
वहीं, दिल्ली पुलिस को भी इस विवादित पोस्टर की जानकारी है, लेकिन पुलिस भी मूकदर्शक बनी हुई है। एबीवीपी प्रशासन समेत पुलिस से मांग करता है कि विवादित पोस्टर को लगाने वाले डीएसयू के कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
कश्मीर की आजादी के विवादित पोस्टर में आतंकी अफजल गुरु और हुर्रियत नेता के स्कैच कश्मीर की आजादी मांगते दिख रहे हैं, जो कि डीएसयू ने लगाया है।
इसी डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन के उमर खालिद व अनिर्बन सदस्य हुआ करते थे, जो कि देश विरोधी नारे लगाने के दर्ज मामले में आरोपी हैं। पोस्टर में फ्रीडम फॉर कश्मीर, फ्री पैलसटाइम, राइट टू सेल्फ डिटरमिनेशन, लॉग लिव लिखा हुआ है।