मेरठ में जुलूस के दौरान तिरंगा लहराया, हिंदुस्तान जिंदाबाद और आतंकवाद मुर्दाबाद के लगे नारे।
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मेरठ में जुलूस-ए-ताजिया
- फोटो : मनोज देवगन
मोहर्रम की की दस तारीख को मेरठ के अब्दुल्लापुर गांव में शिया सोगवारों ने जुलुस ए ताजिया बरामद कर जंजीरों से मातम किया। मौलाना हुसैन साहब की शहादत में नौहेख्वानी के बीच देशभक्ति का जज्बा भी देखने को मिला। जुलूस में तिरंगा लहराया गया और हिंदुस्तान जिंदाबाद, आतंकवाद मुर्दाबाद के नारे लगे।
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मेरठ में जुलूस-ए-ताजिया
- फोटो : मनोज देवगन
अब्दुल्लापुर में मौलाना मेराज मेहंदी ने तकरीर में आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सैनिकों की कार्रवाई की हौसला अफजाई की।
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- फोटो : मनोज देवगन
मौलाना मेराज मेहंदी ने तकरीर की। उन्होंने कहा अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ महात्मा गांधी ने गुजरात से बगावत का बिगुल बजाया। पहले मौलाना हुसैन की शहादत का किस्सा पढ़ा। जिस तरह 72 लोगों को लेकर हुसैन साहब निकले थे, उसी तरह महात्मा गांधी भी नमक आंदोलन के लिए 72 आदमियों के साथ निकले।
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- फोटो : मनोज देवगन
उन्होंने कहा कि आज आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए नासूर है। हमें जाति, धर्म से ऊपर उठकर आतंकवाद से लड़ना है। आतंकवादी का कोई मजहब नहीं होता।
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- फोटो : मनोज देवगन
इससे पहले एक हिंदू छात्रा मानसी ने कविता पाठ किया। इसमें राष्ट्रीयता के साथ एकता और अखंडता का संदेश दिया गया था। सोगवारों ने नारेबाजी के बीच जमकर हौसला अफजाई की।
नौहेख्वान मीसम ने ‘कहा हुसैन ने हिंदुस्तान जाने दे’ नौहा पढ़ा। तकरीर के बाद सोगवारों ने हुसैनी चौक पर जंजीरों से मातम किया। सोगवारों ने आतंकवाद और आतंकी हाजी हाफिज सईद, अबू बकर बगदादी मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।