फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'जब माता पार्वती ने दबा दिया था भगवान शिव का गला', जानिए पूरा वाकया 

Fri, 07 Jul 2017 05:21 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 7
shiva
आपको पता है क‌ि माता पार्वती ने ज‌िस पत‌ि के ल‌िए वर्षों तपस्या क‌ी एक द‌िन उन्हीं माता पार्वती ने भगवान श‌िव का गला भी द‌बाया था। चल‌िए आगे जानते हैं क‌ि क्या है पूरा वाकया...

 
विज्ञापन

2 of 7
shiva
दरअसल, समुद्र मंथन के दौरान जब भगवान श‌िव ने व‌िष पी ल‌िया था तो उसके बाद शिव का कंठ नीला हो गया था। उसी समय उनकी पत्नी माता पार्वती को कुछ नहीं सूझा और उन्होंने श‌िवजी का गला दबाना शुरु कर द‌िया। 
विज्ञापन

3 of 7
neelkanth mahadev temple
इस वजह से विष उनके पेट तक नहीं पहुंचा। इस तरह, विष उनके गले में बना रहा और वर्षों के बाद जाकर वह व‌िष का प्रभाव उनके गले से खत्म हुआ।

4 of 7
श‌िव उमा - फोटो : shiv parvati
कहा जाता है क‌ि कई सालों तक ऋषिकेश की एक चोटी पर आराम करने के बाद शिव अपने गले से विष को दूर कर पाए। विषपान के बाद विष के प्रभाव से उनका गला नीला पड़ गया था। इसके कारण ही उन्हें नीलकंठ नाम से जाना गया था। 
विज्ञापन

5 of 7
neelkanth mahadev temple
इसल‌िए इस मंद‌िर की आपने आप में खास एहम‌ियत है। खास तौर पर शिवरात्रि और सावन में यहां श्रद्धालुओं की काफी भीड़ होती है। जानकारी के मुताब‌िक यहां चांदी के बने शिव लिंग का काफी निकटता से दर्शन क‌िए जा सकते हैं। आगामी नौ जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरु होने वाली है।
विज्ञापन

6 of 7
ब्रजघाट गंगा पुल से लेकर नेशनल हाईवे तक जाम लग गया - फोटो : अमर उजाला
मंदिर में अखंड धूनी जलती रहती है। धुनी की भभूत को लोग प्रसाद के तौर पर लेकर जाते हैं। वहीं कावंड‌िए हरकी पौड़ी से जल लाकर भी यहां भगवान श‌िव का अभ‌िषेक करते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
neelkanth mahadev temple
नीलकंठ महादेव मंदिर की नक़्क़ाशी देखते ही बनती है। अत्यन्त मनोहारी मंदिर शिखर के तल पर समुद्र मंथन के दृश्य को चित्रित किया गया है और गर्भ गृह के प्रवेश-द्वार पर एक विशाल पेंटिंग में भगवान शिव को विष पीते हुए भी दिखलाया गया है। 
(अमर उजाला इन तथ्यों की तस्दीक नहीं करता है। यह केवल मान्यताओं के आधार पर ही पेश क‌िए गए हैं)
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें