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इनकम टैक्स को लेकर बढ़ने वाली हैं मुश्किलें, इन्हें हो सकता है बड़ा नुकसान

Wed, 31 Jan 2018 10:34 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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shock - फोटो : Demo pic
इनकम टैक्स को लेकर मुश्किलें बढ़ने वाली है। खासकर इन्हें बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है। पढ़िए पूरा खबर...
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income tax - फोटो : demo pic
2018-19 के आम बजट में इनकम टैक्स स्लैब में बढ़ोत्तरी की संभावना देख रहे लोगों को मायूस होना पड़ सकता है। इस वर्ष स्लैब में बढ़ोत्तरी होने की संभावना बेहद कम है।
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income tax
ढाई लाख से अधिक सालाना आय वालों को आयकर में छूट की संभावना कम है। सरकार स्लैब बढ़ाने से भविष्य में होने वाले नुकसान को देखते हुए इसमें बढ़ोत्तरी के पक्ष में नहीं है।

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income tax
शनिवार को द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दून पहुंचे भारत सरकार की डायरेक्ट टैक्स इनफॉर्म कमेटी के सदस्य डॉ. गिरीश आहूजा ने यह जानकारी दी।
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आयकर - फोटो : social media
उन्होंने कहा कि नए बजट में इनकम टैक्स स्लैब में बढ़ोत्तरी की बहुत संभावना नहीं है। डायरेक्ट टैक्स का स्लैब बढ़ाने से सरकार को आने वाले समय में राजस्व का नुकसान झेलना पड़ेगा।
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TAX
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ऐसी व्यवस्था तैयार की जा रही है, जिससे निर्धारित दायरे में आने वाले हर किसी को टैक्स देना पड़ेगा। उन्होंने बेनामी संपत्ति और उसकी खरीद-फरोख्त के कानूनी पहलुओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में जुर्माने और सजा का भी प्रावधान किया गया है।

 
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money - फोटो : amar ujala
वहीं, जीएसटी एक्सपर्ट मनोज गोयल ने जीएसटी के बाद कारोबार में आए बदलाव और इसके विभिन्न पहलूओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जीएसटी के बाद गलत ढंग से कारोबार करने वालों को नुकसान हुआ है।

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जीएसटी - फोटो : अमर उजाला
जीएसटी न होने से अच्छा काम करने वाली कंपनियों, ग्राहकों और सरकार को नुकसान होता है। उन्होंने व्यापारियों को जीएसटी से नुकसान की बात नकारी। उन्होंने कहा कि मैन्यूफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर, वेंडिंग में लोग टैक्स नहीं देते थे, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान होता है।

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gst
जीएसटी के दायरे में आने से उन्हें टैक्स देना पड़ रहा है। कार्यक्रम में क्षेत्रीय परिषद के सदस्य जीसी मिश्रा, रजत शर्मा, रजनीश जैन, रजनीश अग्रवाल, नवीन गुप्ता, संजीव गोयल, दीपक जैन, अमित खंडेलवाल, अखिल सकलानी समेत बड़ी संख्या में छात्र व बाजार से जुड़े विशेषज्ञ मौजूद रहे।
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सालाना आय            टैक्स प्रतिशत
ढाई लाख से कम        शून्य
2.5 से 5 लाख             पांच
5 से 10 लाख            20
10 लाख से अधिक        30
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