देवभूमि उत्तराखंड स्थित चूड़ामणि देवी का मंदिर अपनी अलग ही मान्यता के लिए प्रसिद्ध है। इसकी कहानी जानकर आप चौंक जाएंगे।
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chudamani temple
- फोटो : अमरउजाला
लेकिन इसकी खातिर अनोखी परंपरा का निर्वाह करना होता है। इसके लिए मंदिर में चोरी करनी पड़ती है। बड़ी संख्या में पुत्र प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपति यहां पहुंचते हैं।
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sati and shiva
- फोटो : AmarUjala
रुड़की के चुड़ियाला में चूड़ामणि देवी की सिद्ध पीठ है। मान्यता है कि जब पिता द्वारा शिव की उपेक्षा से नाराज होकर सती ने यज्ञ कुंड में कूदकर अपना शरीर छोड़ दिया तो शिव उनकी मृत देह को लेकर चल थे।
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chudamani temple
- फोटो : फाइल फोटो
जब शिव माता सती के शरीर को लेकर इधर से निकल रहे थे तो इसी स्थल पर सती का चूड़ा गिरा था। इसके बाद यह स्थल देवी की सिद्धपीठ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
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chudamani temple
- फोटो : अमरउजाला
यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां अपना माथा टेकने पहुंचते हैं। यहां के बारे में प्रसिद्ध है कि यहां मांगने पर देवी हर मुराद पूरी करती हैं। लेकिन यहां आने वाले श्रद्धालुओं में बड़ी संख्या पुत्र प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपतियों की होती है।
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chudamani temple
- फोटो : अमरउजाला
पुत्र चाह रखने वाले दंपति मंदिर में लकड़ी का गुड्डा चुराकर ले जाते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से उन्हें पुत्र की प्राप्ति होती है। हालांकि अमर उजाला ऐसे दावों का समर्थन नहीं करता।