मैं भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ और उनके ससुराल (मिथिलांचल) से आई हूं। छत्तीसगढ़ में राम वनगमन पथ तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री सीएम भूपेश बघेल का बहुत-बहुत धन्यवाद। ये बातें राष्ट्रीय रामायण महोत्सव के समापन पर सुप्रसिद्ध भजन गायिका मैथिली ठाकुर ने ‘जय जोहर‘ सम्बोधन के साथ कहीं।
मैं भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ और उनके ससुराल (मिथिलांचल) से आई हूं। छत्तीसगढ़ में राम वनगमन पथ तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री सीएम भूपेश बघेल का बहुत-बहुत धन्यवाद। ये बातें राष्ट्रीय रामायण महोत्सव के समापन पर सुप्रसिद्ध भजन गायिका मैथिली ठाकुर ने ‘जय जोहर‘ सम्बोधन के साथ कहीं।
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मैथिली ठाकुर ने मैथिली लोक गीतों से बांधा समा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मैथिली ठाकुर ने कार्यक्रम में मिथला के लोक गीतों से ऐसा समां बांधा कि मुख्यमंत्री और उनके साथ आए अन्य अतिथि भी झूम उठे। मैथिली लोक गीतों से श्रीराम के मिथला प्रवास का सुन्दर वर्णन किया। इस दौरान मासूम शरारत होती है। यही जनकपुर में आने पर मिथला के अतिथियों के साथ होता है।
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मैथिली के गीतों पर सीएम भूपेश झूम उठे
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मैथिली ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल छत्तीसगढ़ के गीतों में गहरी रूचि रखते हैं, तो मिथला के लोकगीतों का उतना ही आदर करते हैं। उन्होंने अपनी प्रस्तुति में विश्वामित्र और राजा दशरथ से भी प्रश्न कर कहा कि लोग अपने राजाओं से कितने करीब होते थे। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अतिथियों ने मंच पर पहुंचकर मैथिली ठाकुर को पुष्पगुच्छ एवं रामचरित मानस की प्रति भेंटकर सम्मानित किया।
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मुख्यमंत्री ने मैथिली ठाकुर को रामचरित मानस की प्रति भेंटकर कर सम्मानित किया
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मिथला के लोकगीतों में भगवान राम की शादी में पारंपरिक गीतों में गाली
बता दें कि पूरे भारत में केवल मिथला के लोक गीतों में ही भगवान राम की शादी में पारंपरिक गीतों में गाली दी जाती है। प्राचीन काल में कभी मिथिला राज्य हुआ करता था। आज भी लोग इस क्षेत्र को मिथिला के नाम से जानते हैं। मिथिला की बेटी मां जानकी मिथिला नरेश जनक की पुत्री थी। जानकी का विवाह भगवान राम से हुआ था। अक्सर यह जिला अपने संस्कृति, खान-पान और मेहमान नवाजी के लिए जाना जाता है। यहां अक्सर शादी विवाह के पारंपरिक गीतों के रूप में घर की महिलाएं श्रीराम को दामाद के रूप में मानते हुए यह गीत गुनगुनाती हैं- 'रामजी से पूछे जनकपुर के नारी, बता द बबुआ, लोगवा देत काहे गारी...' यहां हर नव विवाहित जोड़े को श्रीराम और सीता के रूप में हीं देखा जाता है।
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मैथिली ठाकुर के गीतों पर झूमते सीएम भूपेश और अन्य नेतागण
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मैथिली ठाकुर के गीतों पर झूमते सीएम भूपेश और अन्य नेतागण
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मैथिली ठाकुर ने अपने गीतों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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भगवान राम को समर्पित भक्ति गीतों पर प्रस्तुति देती मैथिली ठाकुर।
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल केलो महाआरती में शामिल हुए
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल केलो महाआरती में शामिल हुए। केलो मैया से प्रदेश के सुख, शांति की कामना की।
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मुख्यमंत्री ने इंडोनेशिया के कलाकार दल का प्रशस्ति पत्र एवं रामचरितमानस की प्रति भेंटकर किया सम्मान।
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मुख्यमंत्री ने इंडोनेशिया के कलाकार दल का प्रशस्ति पत्र एवं रामचरितमानस की प्रति भेंटकर किया सम्मान।
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मुख्यमंत्री ने गौ माता को चारा खिलाया और गोधन के समृद्धि की कामना की
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मुख्यमंत्री ने गौ माता को चारा खिलाया और गोधन के समृद्धि की कामना की
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कवि डॉ. कुमार विश्वास ने ‘अपने-अपने राम’ की थीम पर कथा का रसपान कराया।
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कवि डॉ. कुमार विश्वास ने ‘अपने-अपने राम’ की थीम पर कथा का रसपान कराया।
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कार्यक्रम को संबोधित करते सीएम भूपेश बघेल
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मुख्यमंत्री ने तीन दिवसीय ‘राष्ट्रीय रामायण महोत्सव’ को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम हमारे दिलों में हैं, हमारे जीवन में हैं। राम नाम का रस ही ऐसा है, जितना सुनिएगा, जितना मनन करिएगा, राम रस की प्यास उतनी बढ़ती जाती है। हमारे राम कौशल्या के राम, वनवासी राम, शबरी के राम, हमारे भांचा राम और हम सबके राम हैं। तीन दिनों तक चले इस महोत्सव में रायगढ़ राममयगढ़ हो गया। इस महोत्सव में नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। तीन दिनों तक पंडाल खचाखच भरा रहा। बड़ी संख्या में पड़ोसी राज्यों से भी इस महोत्सव में शामिल होने के लिए मेहमान आए। उन्होंने कहा कि इस दौरान जिससे भी मिले सभी दोहे और चौपाई गुनगुनाते मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महोत्सव का आयोजन राष्ट्रीय रामायण महोत्सव के रूप में किया गया था, लेकिन कंबोडिया, इंडोनेशिया के रामायण दलों के आने से इसका स्वरूप अंतर्राष्ट्रीय हो गया। उन्होंने जूरी मेम्बरों के विचारों को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने कहा-हमने देश के विभिन्न हिस्सों में केवल भगवान श्रीराम के बाल्य-काल, रामलीला जैसे अध्यायों का मंचन देखा है। यह पहली बार है कि भगवान राम के अरण्यकाण्ड का मंचन देखने को मिल रहा है। श्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पहली बार राष्ट्रीय रामायण महोत्सव का आयोजन किया, जो सफल रहा। इस आयोजन में प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी लोगों को बधाई।
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राष्ट्रीय रामायण महोत्सव में बने दो वर्ल्ड रिकार्ड
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राष्ट्रीय रामायण महोत्सव में बने दो वर्ल्ड रिकार्ड
राज्य के संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित राष्ट्रीय रामायण महोत्सव में पहला वर्ल्ड रिकार्ड अरण्य कांड पर सबसे ज्यादा समय तक तीन दिनों तक लगातार 765 मिनट तक अरण्य कांड का मंचन करने पर बना। छत्तीसगढ़ सहित 13 राज्यों और दो विदेशी दलों के 17 दलों के 375 कलाकरों ने इसमें हिस्सा लिया। राज्य के संस्कृति विभाग को ‘मोस्ट स्टेज आर्टिस्ट परफार्मिंग ऑन अरण्यकाण्ड’ का रिकॉर्ड प्रदान किया गया। सबसे ज्यादा कलाकार और सबसे देर तक चलने वाले अरण्य कांड पर कार्यक्रम के लिए यह रिकार्ड बना। रायगढ़ जिला प्रशासन को भी 10 हजार से अधिक लोगों द्वारा सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए वर्ल्ड रिकार्ड प्रदान किया गया। छत्तीसगढ़ के संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन रायगढ़ को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
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प्रदेश की सभी नदियों के संरक्षण के लिए अलग से बनेगा प्राधिकरण
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प्रदेश की सभी नदियों के संरक्षण के लिए अलग से बनेगा प्राधिकरण
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समापन समारोह में कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ वनों से अच्छादित है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास के दौरान इन्हीं जंगलों, नदियों और पहाड़ों के बीच से वन गमन किया। भगवान राम छत्तीसगढ़ के वनों, नदियों, पर्वतों को पार करते हुए आगे बढ़े। छत्तीसगढ़ वनाच्छादित प्रदेश है, जहां कल-कल बहती नदियां हैं, जिनके किनारे हमारी संस्कृति बसती है। हमने अपनी नदियों और प्रकृति को बचाने का संकल्प लिया है। इन्द्रावती और अरपा नदी के संरक्षण के लिए प्राधिकरण गठित किए गए हैं। महानदी, शिवनाथ नदियों के साथ आज केलो की महाआरती की गई। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमें सब कुछ देती है, इसको बचाएं। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश की सभी नदियों के संरक्षण के लिए अलग से प्राधिकरण गठित किया जाएगा।
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ओड़िशा के रेल हादसे में जान गवाने वालों को दी गई श्रद्धांजलि
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ओड़िशा रेल हादसे में जान गंवाने वालों को दी गई श्रद्धांजलि
राष्ट्रीय रामायण महोत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सबसे पहले ओडिशा के बालासोर में हुए रेल हादसे में अपनी जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि लाभ-हानि, जीवन-मरण, यश-अपयश भगवान के हाथ में होता है, मनुष्य के नहीं। इस हादसे में जिन लोगों ने अपने परिवार को खोया है, भगवान उन्हें यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें, उन्हें अपने चरणों में श्री स्थान दें।
अरण्यकाण्ड प्रतियोगिता के विजेता दलों को पुरस्कृत किया गया
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अरण्यकाण्ड प्रतियोगिता के विजेता दलों को पुरस्कृत किया गया
राष्ट्रीय रामायण महोत्सव के दौरान अरण्यकाण्ड पर आयोजित प्रतियोगिता में प्रथम स्थान कर्नाटक के दल को प्राप्त हुआ। दल प्रमुख को स्मृति चिन्ह, राजकीय गमछा, रामचरित मानस की प्रति और 5 लाख रुपए की राशि का चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार असम के दल को मिला उन्हें तीन लाख रूपए की पुरस्कार राशि का चेक और स्मृति चिन्ह, राजकीय गमछा, रामचरित मानस की प्रति दिया गया।
तृतीय पुरस्कार झारखंड के दल को प्रदान किया गया, उन्हें दो लाख रुपए की राशि के चेक के साथ स्मृति चिन्ह, राजकीय गमछा, रामचरित मानस की प्रति प्रदान किया गया। रायगढ़ नगर निगम महापौर जानकी काटजू ने मुख्यमंत्री को गदा भेंट किया।
समापन समारोह में कंबोडिया, इंडोनेशिया सहित सभी राज्यों और जूरी मेम्बरों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, संसदीय सचिव चन्द्रदेव राय, विधायक प्रकाश नायक, विधायक लालजीत सिंह राठिया, विधायक राम कुमार यादव, विधायक चक्रधर सिंह, विधायक लालजीत सिंह राठिया सहित अनेक विधायक, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास, पूर्व सांसद नंदकुमार साय आदि मौजूद रहे।