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कंडक्टर बना हैवान: स्कूल बस में छह साल की बच्ची से किया दुष्कर्म, मासूम बोली- दाड़ी वाले अंकल ने किया गंदा काम

Wed, 18 Jan 2023 07:01 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेली

सार

इस घटना के बाद से बाकी बच्चों के परिजनों में डर है। उनका कहना है कि स्कूल वाहनों में कैमरे लगने चाहिए। जिसकी निगरानी स्कूल प्रबंधन और परिजन कर सकें। इसके लिए उन्हें भी कनेक्टिविटी दें। 
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स्कूल बस में छात्रा से दुष्कर्म किया गया। - फोटो : फाइल फोटो
छत्तीसगढ़ के मुंगेली में एक इंटरनेशनल स्कूल की बस में छह साल की बच्ची से कंडक्टर ने ही दुष्कर्म किया। छात्रा स्कूल से बस में घर लौट रही थी और अकेली थी। बच्ची जब रोते हुए घर पहुंची और उसने परिजनों को बताया तो वे डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे। इसके बाद मामला खुला। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि बस ड्राइवर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। मामला कोतवाली क्षेत्र का है। 
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स्कूल बस - फोटो : अमर उजाला
बच्ची को लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे परिजन 
जानकारी के मुताबिक, करही गांव में एक इंटरनेशनल स्कूल का संचालन होता है। इसी स्कूल में छह साल की बच्ची पढ़ती है। वह रोज स्कूल बस से ही आना-जाना करती है। बताया जा रहा है कि मंगलवार को बच्ची जब घर पहुंची तो रो रही थी। मां ने जब कारण पूछा तो बच्ची ने रोते हुए बताया कि बस में दाड़ी वाले अंकल ने गंदा काम किया है। बच्ची के प्राइवेट पार्ट से खून भी बह रहा था। इस पर परिजन बच्ची को लेकर एक प्राइवेट अस्पताल पहुंचे। 
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी बस कंडक्टर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी कंडक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार किया
जांच के दौरान डॉक्टर ने बताया कि बच्ची के प्राइवेट पार्ट में अंगुली डाली गई है। इसके चलते खून का रिसाव हो रहा है। इसके बाद परिजन थाने पहुंचे और बस कंडक्टर के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी कंडक्टर मनीष तिवारी उर्फ नीलू (40) को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि घटना के बाद बस चालक पर भी सवाल उठ रहे हैं। जब चलती बस में ऐसी हरकत हो रही थी तो चालक ने क्यों नहीं रोका। 
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सिटी कोतवाली, मुंगेली। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
स्कूल वाहनों में कैमरा लगाने की मांग
इस घटना के बाद से बाकी बच्चों के परिजनों में डर है। उनका कहना है कि स्कूल वाहनों में कैमरे लगने चाहिए। जिसकी निगरानी स्कूल प्रबंधन और परिजन कर सकें। इसके लिए उन्हें भी कनेक्टिविटी दें। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी स्कूल बस में सीसीटीवी कैमरा ,स्पीड गवर्नर नहीं लगाए गए हैं। यहां तक कि एक स्कूल स्टाफ को केअर टेकर बनाकर भी नहीं भेजा जा रहा है। यह कोर्ट की गाइडलाइन का उल्लंघन है। 
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