पुलिस ने जय नारायण त्रिपाठी, कपिल त्रिपाठी, उसकी पत्नी सुतित्रा त्रिपाठी, जीजा भरत तिवारी सहित आशीष तिवारी, रवि तिवारी, प्रेम श्रीवास, अमन गुप्ता, राजेंद्र सिंह ठाकुर सहित 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी में तीन राज्यों की पुलिस का सहयोग रहा। इस दौरान पुलिस ने करीब 20 हजार कैमरों की सीसीटीवी फुटेज चेक की।
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पुलिस गिरफ्त में हत्या के आरोपी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हिस्ट्रीशीटर और पूर्व कांग्रेस नेता संजू त्रिपाठी (42) की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा दिया है। इस मामले में पुलिस ने संजू त्रिपाठी के पिता जयनारायण त्रिपाठी और भाई कपिल त्रिपाठी सहित 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। संजू की हत्या के लिए पिता और भाई ने यूपी के पांच शूटरों को 10 लाख रुपये की सुपारी दी थी। हालांकि शूटर अभी पकड़ से बाहर हैं। साजिश में कपिल की पत्नी सुतित्रा त्रिपाठी, उसकी मुंहबोली बहन, जीजा और भांजा भी शामिल थे।
पत्नी से पूछताछ पर जयनारायण को हिरासत में लिया
एसएसपी पारुल माथुर ने रविवार रात इस हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि संजू त्रिपाठी की हत्या के बाद उसकी पत्नी किरण त्रिपाठी से पूछताछ की गई। इसमें सामने आया कि संजू का उसके पिता जयनारायण और भाई कपिल से संपत्ति को लेकर विवाद था। इस पर पुलिस ने जयनारायण को हिरासत में ले लिया। वहीं वारदात में प्रयुक्त कारें कोटा रोड स्थित ग्राम पौड़ी, भिलाई और मुंगेली रोड स्थित एक मेडिकल स्टोर के पास से बरामद कर ली गईं।
गोद ली बेटी का बाप-बेटे कर रहे थे शारीरिक शोषण
इसके साथ ही जयनारायण के मोबाइल के डिटेल निकलवाए गए। पूछताछ और डिटेल में सामने आया कि जयनारायण के चार सगे बेटा-बेटी हैं। उसने एक बेटी को गोद लिया था। संजू त्रिपाठी उस बेटी का शारीरिक शोषण कर रहा था। जयनारायण पर भी संपत्ति कपिल को न देकर उसके नाम करने का दबाव बनाता था। इसके चलते कई बार वह संजू कई बार अपने पिता से मारपीट भी कर चुका था। यह भी सामने आया कि गोद ली हुई बेटी का जयनारायण भी जबरदस्ती शारीरिक शोषण कर रहा था।
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लावारिस मिली कार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक माह पहले ही पहुंच गए थे शूटर
परिवार में चल रहे पैतृक संपत्ति विवाद के चलते जयनारायण, कपिल, गोद ली हुई बेटी सहित अन्य लोगों ने संजू की हत्या का षड्यंत्र रचा। इस दौरान पुलिस को कॉल रिकॉर्डिंग से यह भी पिता चला कि संजू की हत्या के बाद कपिल नेपाल भागने की फिराक में था। साजिश के तहत कपिल त्रिपाठी ने अपने दोस्त प्रेम श्रीवास के जरिए पांच शूटर्स को बुलाया था। उन्हें एडवांस में पांच लाख रुपये भी दिए गए। ये शूटर वारदात से करीब एक माह पहले ही बिलासपुर पहुंच गए थे। उनकी भी पहचान हो गई है।
पुलिस ने आरोपियों से बरामद किए हथियार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
झारखंड के सप्लायर से खरीदे गए हथियार
यूपी से आए शूटर्स को कपिल त्रिपाठी ने अपने फार्म हाउस में रुकवाया था। उन्हें हथियार उपलब्ध कराने के लिए कपिल और श्रीवास दोनों रायगढ़ के एक सप्लायर से मिले। उसे लेकर अंबिकापुर गए और वहां से झारखंड के एक सप्लायर के जरिए डेढ़ लाख रुपये की दो पिस्टल खरीदी और 10 कारतूस के लिए 50 हजार रुपये दिए। हथियार सप्लायर रायगढ़ के दो युवक और झारखंड के सप्लायर की भी पुलिस तलाश कर रही है। इस पूरे हत्याकांड का मास्टर माइंड कपिल ही है।
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संजू त्रिपाठी इसी कार में सवार था।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कपिल ने दिया था सबकी जमानत का भरोसा
संजू की हत्या से पहले आरोपियों ने रेकी की। साजिश के तहत तय हुआ कि वारदात के बाद पांचों शूटर और श्रीवास नीली कार को सुनसान जगह पर छोड़कर दूसरी गाड़ी में भागेंगे। कपिल की कार से अमन गुप्ता, भरत तिवारी, आशीष तिवारी, रवि तिवारी शहडोल जाएंगे। अमन फिर बिलासपुर लौट आएगा। सुमित निर्मलकर स्कार्पियो से भिलाई पहुंचेगा और कपिल किसी अन्य साधन से वहां जाएगा। कपिल ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि वह बाहर रहेगा तो एक-एक कर सबकी जमानत करा लेगा।
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गिरफ्तार किए गए आरोपी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इन आरोपियों की रही भूमिका पिता- जयनारायण त्रिपाठी (73)
पैतृक संपत्ति विवाद के कारण अपने छोटे बेटे कपिल त्रिपाठी के साथ मिलकर हत्याकांड की साजिश रची। इसके मोबाइल पर कई कॉल रिकॉर्ड मिले, जिसमें हत्या की साजिश से लेकर फरार होने तक की बातें मिलीं। यह वारदात के बाद बिलासपुर आया और कपिल को बचाने की कोशिश में लगा रहा। इसके भिलाई स्थित घर से एक नग पिस्टल बरामद हुआ है। जिसमें 2 राउंड 7.65 एमएम एमएम जिंदा मैग्जीन मिली।
भाई- कपिल त्रिपाठी
पुलिस के मुताबिक, यही हत्याकांड का मास्टरमाइंड है। संपत्ति विवाद और वर्चस्व की लड़ाई के लिए पूरी साजिश रची। इसने स्थानीय और बाहरी शूटर्स बुलवाकर घटना को अंजाम गया। घटना के बाद खुद को छिपाने के लिए पहले से ही जम्मू-कश्मीर, नेपाल, दिल्ली में रेकी कर चुका था। इसने ही हथियार खरीदे, शूटरों को पैसे दिए, उन्हें अपने घर में रुकवाया।
सुमित निर्मलकर
कपिल व अन्य के साथ मिलकर वारदात की साजिश की। हत्या के बाद किराए की स्कार्पियो लेकर भिलाई पहुंचा। फिर कपिल त्रिपाठी के फरार होने में सहायोग किया और स्वयं भी उसके साथ फरार हो गया।
प्रेम उर्फ बजरंग श्रीवास
इसने कपिल त्रिपाठी के साथ साजिश की। उत्तरप्रदेश से शूटर्स बुलाए। साथ ही इसने ही 10 लाख में शूटर्स से सौदा किया था। प्रकरण में उपयोग लाए गए पिस्टल खरीदने में भी इसकी अहम भूमिका रही।
सुतित्रा त्रिपाठी
यह कपिल त्रिपाठी की पत्नी है, जो षडयंत्र में आरोपियो की सहभागी थी। घटना के बाद भारत - नेपाल सीमा में स्थित अपने मायके पिथौरागढ़ (उत्तराखंड) में कपिल त्रिपाठी के छिपने की व्यवस्था कराई थी। इसने सारा सामान भी पैक कर लिया था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस उसके घर पहुंच गई।
दत्तक पुत्री
आरोपी जयनारायण त्रिपाठी के शनिचरी स्थित मकान में रहती थी और उस प्रॉपर्टी की दावेदार बन गई थी। इसके अलावा संजू ने पिता को इसे प्रॉपर्टी देने का विरोध किया। इसके बाद इसी ने सभी को संजू की हत्या के लिए उकसाया था। इसके घर से एक पिस्टल, एक देशी कट्टा बरामद हुआ है।
अमन गुप्ता
यह दाऊ मेडिकर स्टोर संचालक का बेट और कपिल का दोस्त है। इसने वारदात में इस्तेमाल खुद की स्विफ्ट डिजायर, एलेन्द्रा गाड़ी उपलब्ध कराई थी। आरोपी अमन गुप्ता ने अपने अन्य साथियो के साथ संजू त्रिपाठी की रेकी कर शूटर्स को पहुंचने की सूचना दी। शूटर्स के भागने में सहयोग किया। उसने आरोपियो को शहडोल छोड़ा और बिलासपुर आ गया था।
भरत तिवारी
यह दत्तक पुत्री का पति है। जिसे दत्तक पुत्री के शारीरिक शोषण करने की जानकारी थी। संजू त्रिपाठी इससे भी मारपीट करता था, जिसके कारण कपिल त्रिपाठी की योजना में शामिल हो गया और पूरी घटना को खुद अंजाम देने की जिम्मेदारी ले ली। वारदात वाले दिन संजू त्रिपाठी की रेकी की और बाद में अन्य आरोपियो के साथ फरार हो गया।
आशीष तिवारी
यह आरोपी भरत तिवारी का भतीजा है। इसने कपिल त्रिपाठी, भरत तिवारी आदि के साथ मिलकर साजिश रची। शूटर्स को भगाने में सहयोग किया। इसने भी घटना स्थल की रेकी की थी और हत्या का इल्जाम अपने सिर लेने की साजिश में भी शामिल रहा।
रवि तिवारी
यह भरत तिवारी का भांजा है। इसने कपिल त्रिपाठी, भरत तिवारी आदि के साथ मिलकर शूटर्स को भगाने में सहयोग किया। इसने भी संजू और घटनास्थल की रेकी की थी। वह भी हत्या की जिम्मेदारी लेने के षडयंत्र में शामिल रहा।
राजेन्द्र सिंह ठाकुर
यह आरोपी प्रेम उर्फ बजरंग श्रीवास के वाहन का चालक है, जिसे साजिश की पूरी जानकारी थी। यह प्रेम श्रीवास के साथ था और शूटर्स को भगाने में सहयोग किया है।
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बिलासपुर में कांग्रेस नेता की गोली मारकर हत्या।
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तीन राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर गिरफ्तारी
वारदात के बाद कपिल और सुमित निर्मलकर भिलाई से गोंदिया होते हुए भोपाल पहुंचे। भोपाल में एक टैक्सी ड्राइवर से लिफ्ट ली और फिर बस से इंदौर पहुंचे। वहां से दिल्ली और फिर टैक्सी लेकर नेपाल जाने वाली बस में बैठ गए। हालांकि लखनऊ टोल प्लाजा के पास यूपी पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। प्रेम श्रीवास को भी लखनऊ से गिरफ्तार किया गया। भरत तिवारी, रवि, आशीष और राजेंद्र ठाकुर शहडोल से दिल्ली भाग गए थे। उन्हें दिल्ली पुलिस की मदद से पकड़ा गया। अमन की सिरगिट्टी बस स्टैंड से गिरफ्तारी हुई।
सड़क पर पड़े गोली के खोखे।
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कपिल की पत्नी मायके में आरोपियों के रहने का कर रही थी इंतजाम
पुलिस ने जय नारायण त्रिपाठी, कपिल त्रिपाठी, उसकी पत्नी सुतित्रा त्रिपाठी, जीजा भरत तिवारी सहित आशीष तिवारी, रवि तिवारी, प्रेम श्रीवास, अमन गुप्ता, राजेंद्र सिंह ठाकुर सहित 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कपिल की पत्नी सुतित्रा त्रिपाठी का मायका उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में नेपाल बॉर्डर के पास है। कपिल, श्रीवास और उसके एक अन्य साथी के नेपाल भागने से पहले सुतित्रा ने अपने मायके में उनके रुकने की व्यवस्था कराई थी। सुतित्रा को पहले से ही पूरी साजिश का पता था।