करीब पांच मीटर चौड़ा है पेड़।
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जिला मुख्यायल से करीब नौ किलोमीटर दूर है भड़ेसर गांव, जहां पीपल का यह पेड़ मौजूद है। यह पेड़ पांच मीटर से भी अधिक दूरी पर फैला हुआ है। बड़ी बात यह है कि यह पेड़ किसी जंगल में नहीं, बल्कि गांव में रहने वाले महात्मा राम पांडेय के घर में लगा है। बताया जाता है कि, पेड़ काफी पुराना होने के कारण अंदर से खोखला है, और अजगर इन्हीं तनों के बीच रहते हैं। बारिश के मौसम खोखले भाग में पानी भरता है, तब बहुत सारे अजगर बाहर निकलते हैं। इसके अलावा ठंड के मौसम में धूप लेने के लिए भी बाहर आते हैं।