यशवंत सिन्हा।
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संस्थाओं को नष्ट किया जा रहा है
सत्ताधारी दल और उनकी सरकार द्वारा लोकतांत्रिक शासन की प्रत्येक संस्था को नष्ट किया जा रहा है। ईडी, सीबीआई, आयकर विभाग जैसी एजेंसियों और यहां तक कि राज्यपाल कार्यालय का इस्तेमाल विपक्ष के नेताओं को निशाना बनाने, विपक्षी दलों में दलबदल करवाने और विपक्षी दलों की राज्य सरकारों को गिराने के लिए हथियार के रूप में किया जा रहा है। चुनाव जीतने के लिए, सत्तारूढ़ दल ने भारत के विविधता से भरे समाज का सांप्रदायिक रूप से ध्रुवीकरण कर एक बुरी साजिश रची है। जिसके न केवल सामाजिक शांति के लिए, बल्कि देश की एकता और अखंडता के लिए भी खतरनाक परिणाम होंगे।