डब्ल्यूडब्ल्यूई के चैम्पियन रेसलर दलीप सिंह राणा के दावे पर यकीं करें तो वे जल्द दो और राज्यों में 'खली' तैयार करेंगे। स्पेशल इंटरव्यू।
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khali
दलीप सिंह राणा उर्फ द ग्रेट खली जालंधर में एकेडमी चलाने के बाद अब अपनी जन्मभूमि हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर और हरियाणा के जिला पानीपत में पहलवानों को तैयार करने के लिए अकादमी शुरू करने जा रहे हैं। हिमाचल में सरकारी मदद के साथ एकेडमी खोली जाएगी।
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पंजाब यूनिवर्सिटी पहुंचे द ग्रेट ख्ाली
- फोटो : amar ujala
खली का कहना है कि हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में पड़ते गुरुद्वारा पांवटा साहिब के पास अकादमी खोली जाएगी। इसे लेकर हिमाचल सरकार के साथ सारी बातचीत पूरी होने के साथ मंजूरी मिल चुकी है। दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं, जो पूरे होने के साथ ही तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी।
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द ग्रेट खली के साथ बैंस बंधु
- फोटो : अमर उजाला
खली बोले कि हिमाचल सरकार की ओर से पांवटा साहिब के पास अकादमी खोलने के लिए जमीन दी जाएगी। खली ने कहा कि अकादमी के निर्माण को लेकर समय लगेगा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकादमी का निर्माण होगा। इसमें हिमाचल के युवाओं को डब्ल्यूडब्ल्यूई की ट्रेनिंग दी जाएगी।
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khali daughter
खली का जन्म स्थान भी हिमाचल प्रदेश का जिला सिरमौर ही है। इसलिए खली इसी जिले में अकादमी की शुरुआत करना चाहते हैं। खली ने कहा कि वह अपने शहर को कुछ देना चाहते थे, इसलिए वहां अकादमी खोलने जा रहे हैं। हरियाणा में अकादमी खोलने को लेकर हरियाणा सरकार से बातचीत चल रही है।
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ये हैं वे पहलवान जिन्होंने खली को चुनौती दी है।
- फोटो : अमर उजाला
खली ने कहा कि वह पानीपत के आसपास अकादमी खोलेंगे। इस अकादमी को बनाने का सारा खर्च वह खुद करेंगे। इसमें किसी भी तरह से कोई सरकारी मदद नहीं मिलेगी। खली ने कहा कि उनका लक्ष्य है कि डब्ल्यूडब्ल्यूई में भारतीय पहलवानों की गिनती सबसे ज्यादा हो।
हिसार दौरे पर आए द ग्रेट खली लोगों और पत्रकारों से रूबरू होते हुए
- फोटो : अमर उजाला
खली ने सबसे पहले जालंधर के गांव कंगनीवाल में सीडब्ल्यूई (कॉन्टेनेंटल रेसलिंग एंटरटेनमेंट) के नाम से अकादमी की शुरुआत की थी। इस समय जालंधर की अकादमी में देश के अलग-अलग राज्यों से आए युवाओं को डब्ल्यूडब्ल्यूई की ट्रेनिंग दी जा रही हैं। खली खुद इन खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करवाते हैं।