भाई क्या करूं, एक पर्सेंट भी पॉसिबल होता तो मैं जरूर ट्राई करती। मैं बहुत दुखी हूं। चोट का इतना दर्द नहीं है, पीड़ा उम्मीदों के टूटने की है।
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Vinesh Phogat
रियो ओलंपिक में कुश्ती मुकाबले के दौरान गंभीर रूप से चोटिल होने के बाद अपने चचेरे भाई राहुल फौगाट व परिजनों से बातचीत के दौरान विनेश ने अपनी पीड़ा कुछ इन शब्दों में बयां की। विनेश ने कहा कि वो चाह कर भी कुछ नहीं कर सकी। यदि एक पर्सेंट भी कुछ हो पाने की स्थिति होती तो वो जरूर कुछ करती।
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vinesh phogat mother
अमर उजाला से बातचीत में राहुल ने बताया कि विनेश से फोन पर बातचीत के दौरान वे महसूस कर रहे थे कि वह इस समय बहुत ज्यादा दुखी है। कमोबेश यही हालत पूरे परिवार की है। विनेश के सगे भाई हरविंद्र सिंह का कहना है कि यह सब खेल का हिस्सा है। लेकिन, जो हुआ दुर्भाग्यपूर्ण है। किस्मत के आगे किसी की नहीं चलती है। विनेश के कोच व ताऊ महावीर पहलवान सुबह से ही अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं।
विनेश की चोट कितनी गंभीर है, अभी यह साफ नहीं हो सका है। फिलहाल उसके घुटने पर सूजन ज्यादा है। राहुल के मुताबिक, चिकित्सकों ने बताया है कि सूजन कम होगी, तभी चोट के बारे में फाइनल रिपोर्ट मिल पाएगी। फिलहाल चिकित्सकों ने एक महीने के बेड रेस्ट को कहा है। विनेस फौगाट की देश वापसी की टिकट अभी कंफर्म तो नहीं हुई है। लेकिन, 22 को वापसी की संभावना है। हरविंद्र सिंह ने बताया कि वापसी 22 या 23 अगस्त को हो सकती है।
मलिक ने बताया कि विनेश टीम की सबसे तेज महिला पहलवान है। पहले मुकाबले में शानदार जीत दर्ज कर उसने साबित भी कर दिया था। चीन की पहलवान के साथ मुकाबले में उसके घुटने में चोट आई। डाक्टरी जांच में पता चला है कि घुटने का लैगामेंट टूटा है, हड्डी में कोई फ्रैक्चर नहीं है। छह माह में वह पूरी तरह ठीक होकर दोबारा वापसी करेगी। लेकिन इस बात का जिंदगी भर मलाल रहेगा कि विनेश को अगर चोट नहीं लगती तो वह जरूर मेडल जीतती।