बजरंग पूनिया ने नीले रंग का सूट पहना था और परिजनों ने बताया कि नीला रंग ही बजरंग को सबसे ज्यादा पसंद है। उसके बाद अन्य रस्म कराई गई, जिनमें मां ओमप्यारी ने दूध पिलाई की रस्म कराई। उसके बाद बजरंग पूनिया को मां ओमप्यारी ने आशीर्वाद दिया और वह संगीता संग फेरे लेने सोनीपत से चरखी दादरी के गांव बलाली रवाना हो गए।