एक्टर आमिर खान की 'बेटी' आजकल जिम में छह-छह घंटे पसीना बहा रही है। ट्रेनिंग बहुत कड़ी चल रही है, वीडियो देखिए और जानिए इस वर्कआउट की वजह।
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बबीता फोगाट
बात हो रही है, पहलवान बबीता फोगाट की। अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान बबीता फौगाट ने तीन अप्रैल से आस्ट्रेलिया में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाई करने के साथ ही ट्रेनिंग शुरू कर दी है।
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बबीता फोगाट
बबीता फौगाट महिला कुश्ती के 53 किलोग्राम भारवर्ग में देश का प्रतिनिधित्व करेगी। इस समय बबीता फौगाट जेएसडब्ल्यू के विद्या नगर स्थित ओलंपिक सेंटर में अभ्यास कर रही है।
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बबीता फोगाट
इस समय बबीता का वजन भी 53 किलोग्राम है। ट्रेनिंग पूरी होने तक यह वजन 52 किलोग्राम तक आने का अनुमान है। इस एक किलोग्राम वजन को बबीता फौगाट गोंद के लड्डू खाकर पूरा करेगी। ये खुलासा अमर उजाला से बातचीत में बबीता फौगाट ने किया। बबीता ने बताया कि उनके गांव बलाली में मां ने लड्डू तैयार कर दिए गए हैं और एक-दो दिन में उनके पास पहुंच जाएंगे।
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पहलवान बबीता फोगाट
बबीता फौगाट घुटने की चोट की वजह से एक साल तक मैट से दूर भी रही। बलाली निवासी फौगाट बहनों विनेश व बबीता ने 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए आयोजित ट्रायल में एक तरफा मुकाबले जीतकर मैट पर शानदार वापसी की है। विनेश को ओलंपिक गेम्स के दौरान घुटने पर चोट लगी थी जबकि बबीता फौगाट के घुटने का दर्द इसके बाद ज्यादा बढ़ गया था।
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बबीता फोगाट
दोनों महिला खिलाड़ियों को चिकित्सकों ने कुश्ती छोड़ने तक की नसीहतें दे दी थीं। इसके बाद भी दोनों बहनों ने हार नहीं मानी और एक साल तक चले लंबे उपचार के बाद मैट पर वापसी की। विनेश ने 55 किलोग्राम भारवर्ग में सभी मैच एक तरफा जीते तो वहीं बबीता फौगाट ने भी अपने प्रतिद्वंदी को हराकर कॉमनवेल्थ गेम्स का टिकट हासिल किया।
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बबीता फोगाट
- फोटो : फाइल फोटो
बबीता फौगाट ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि मैट पर एक साल बाद वापसी करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। पूरी तैयारियों के साथ मैट पर उतरकर ही मुकाबला अपने नाम किया जा सकता है। बबीता ने बताया कि ट्रायल में शानदार वापसी हुई और चोट का खेल पर कोई असर नजर नहीं आया, जबकि चिकित्सकों ने कुश्ती छोड़ने की नसीहत ही दे डाली थी।
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बबीता फोगाट
- फोटो : फाइल फोटो
बबीता ने बताया कि इस समय वजन 53 किलोग्राम ही है जो कि कॉमनवेल्थ गेम्स तक साढ़े 51 या 52 किलोग्राम तक चला जाएगा और निर्धारित से एक किलोग्राम कम वजन का यकीनन खेल पर असर पड़ेगा। बबीता ने बताया कि बाहर की डाइट से इसकी पूर्ति नहीं हो सकती। इसलिए उनके पिता द्रोणाचार्य अवार्डी महावीर फौगाट ने उसे गोंद के लड्डू खाने की सलाह दी है।
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बबीता फोगाट
पिता ने गाजर पाक भेजने की डिमांड को नहीं किया पूरा
बबीता फौगाट ने बताया कि पिछले पांच माह से वह घर से दूर है और सर्दी के मौसम में मीठे को बेहद मिस कर रही है। बबीता ने बताया कि गोंद के लड्डू खाने पर तो उनके पिता भी सहमत है। लेकिन जब उसने गाजरपाक भेजने की डिमांड रखी तो महावीर पहलवान ने इससे स्पष्ट इंकार कर दिया। बबीता का कहना है अलुणी घी (घर का निकाला मक्खन) व बाजरे की रेटियां भी कॉमनवेल्थ से लौटने पर उनकी पहली फरमाइश होगी।
नियम बदले, बाउट से पहले ही होगा पहलवान का वजन
बबीता फौगाट ने बताया कि पहले तो कम हुए वजन की भरपाई एक दिन में ही कर दी जाती थी लेकिन इस बार नियमों में बदलाव किया गया है। बबीता ने बताया कि पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में बाउट से एक दिन पहले पहलवान का वजन होता था और इसके बाद खिलाड़ी को वजन बढ़ाने की भी अनुमति होती थी। इस बार बाउट से कुछ देर पहले ही पहलवान का वजन किया जाएगा।