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पहलवान बबीता-पिता महावीर बोले, क्यों न जीत पाए ओलंपिक में मैडल?

Fri, 26 Aug 2016 09:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चरखी दादरी(भिवानी)
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रियो ओलंपिक में फोगट ​सिस्टर्स - फोटो : फाइल फोटो
अंतरराष्ट्रीय पहलवान बबीता फौगाट और पिता महावीर ने ओलंपिक में मेडल न जीत पाने का असली सच मीडिया के सामने खोल दिया। आप भी जानिए।
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रियो ओलंपिक में फोगट ​सिस्टर्स - फोटो : फाइल फोटो
पहलवान बबीता फौगाट ने इसके लिए एक तो अपने पिता और निजी कोच महावीर से दूरी को जिम्मेदार बताया और राष्ट्रीय कैंपों में मिलने वाले खाने पर एतराज जताया। बबीता फौगाट मंगलवार देर रात गांव बलाली पहुंची। उधर बबीता की चचेरी बहन विनेश चोट के कारण सीधी मुंबई इलाज करवाने चली गई।
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रियो ओलंपिक में फोगट ​सिस्टर्स - फोटो : फाइल फोटो
महावीर पहलवान राष्ट्रीय कैंप की डाइट से भी नाखुश नजर आए। हरियाणवी लहजे में महावीर ने कहा कि एक पहलवान का थैलियां के दूध त्य के होवे है..जब तयी घी में आंगली तर ना हो ज्या रोटी खान का भी के मजा? बबीता ने पाछले एक साल त्य थैलियां का दूध ए पीया स्य..कैंप में ना घर बरगी डाइट मिल्यी। 

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रियो ओलंपिक में फोगट ​सिस्टर्स - फोटो : फाइल फोटो
महावीर और बबीता ने कहा है कि राष्ट्रीय कैंपों में अगर खिलाड़ी के निजी कोच को भी शामिल करने का प्रावधान किया जाएं तो नतीजे सही मायनों में ही कुछ और होंगे, क्योंकि निजी कोच को खिलाड़ी की हर बारिक से बारिक कमजोरी पता होती है।
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रियो ओलंपिक में फोगट ​सिस्टर्स - फोटो : फाइल फोटो
राष्ट्रीय कैंपों में उन्हें नए गुर व दांव-पेंच तो सिखाएं जाते हैं मगर उनकी बारीक कमियों की तरफ ध्यान नहीं दिया जाता। यहीं कारण है कि नया सीखने के चक्कर में छोटी-छोटी कमियां भी बड़ी बन जाती है तो इसका नुकसान बाद में खिलाड़ी के साथ-साथ देश को उठाना पड़ता है। बबीता की हार का कारण भी ये ही रहा।
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