कोरोना वायरस के साथ हृदय संबंधी मर्ज भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका मुख्य कारण रहन-सहन व खानपान में बरती जा रही लापरवाही के साथ ही तनाव का बढ़ता स्तर भी है। विशेषज्ञों का कहना है कि होम आइसोलेशन, सोशल डिस्टेंसिंग और अकेलेपन के कारण लोग तनावग्रस्त होकर शराब और नशे की लत में फंसते जा रहे हैं। इससे हृदय से जुड़ी गंभीर समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में बचाव के लिए जरूरी है कि अपने खान-पान पर नियंत्रण रखें और तनाव को दूर करने के उपाय करें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
पीजीआई चंडीगढ़ में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रो. राजेश विजयवर्गीय का कहना है कि कोरोना के समय क्रॉनिक बीमारियों वाले मरीजों को संक्रमण होने का खतरा ज्यादा बढ़ गया है। ऐसे में हृदय संबंधी बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को बेहद सचेत रहने की जरूरत है। हृदय रोगियों को कोरोना संक्रमण होने पर आईसीयू में भर्ती करना पड़ रहा है, क्योंकि कोरोना के कारण होने वाली मौतों में हृदय संबंधी बीमारियों वाले मरीजों की संख्या ज्यादा है।
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Heart Attack
- फोटो : पेक्सेल्स
न करें कोई अनदेखी
प्रोफेसर राजेश का कहना है कि हृदय रोगियों को दवाइयां समय पर लेने के साथ ही नियमित रूप से व्यायाम करने की आदत डालनी होगी। किसी भी तरह की परेशानी होने पर अनदेखी न करते हुए तत्काल डॉक्टर की सलाह लें। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही मास्क और सैनिटाइजर के प्रयोग की आदत डालें।
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हार्ट अटैक प्रतिकारात्मक
- फोटो : pixaby
दिल की सलामती के लिए आहार ऐसा लें
जीएमएसएच-16 की डाइटिशियन मनीषा अरोड़ा ने बताया कि हृदय को फिट रखने के लिए डाइट का ठीक होना बेहद जरूरी है। अपने आहार में प्री-बायोटिक डाइट को शामिल करें। इसमें कच्चा सलाद, लहसुन, अदरक, प्याज, साबुत अनाज और उसका छिलका शामिल है। इसे खाने से कब्ज, गैस और कोलेस्ट्रॉल संबंधी समस्या नहीं होती। ऐसा भोजन आसानी से पच जाता है। इसके अलावा कद्दू का सेवन भी हृदय के लिए फायदेमंद माना जाता है। कद्दू के बीज पीसकर मसाले में मिला लें। इसके अलावा नमक का प्रयोग कम करें। ऊपर से नमक खाने की आदत बिल्कुल छोड़ दें। प्रिजर्वेटिव और डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
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Heart attack
ठंड में बचाव जरूरी
हृदय रोगियों को ठंड से बचने की विशेष आवश्यकता होती है। ठंड में गर्म कपड़ों का इस्तेमाल जरूर करें। सुबह बहुत जल्दी या देर रात को बाहर जाने से बचें। अगर किसी कारणवश बाहर जाना पड़े तो खुद को अच्छी तरह कवर करना न भूलें। कोशिश करें कि दोपहर के समय कुछ देर के लिए धूप में अवश्य बैठें। इससे शरीर को गर्माहट तो मिलेगी ही, विटामिन डी की कमी भी पूरी होगी।
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Heart Treatment
ओवर हीटिंग करेगी नुकसान
जिस प्रकार एक हृदय रोगी के लिए ठंड हानिकारक है। वहीं बहुत अधिक गर्मी भी उसे नुकसान पहुंचा सकती है। उदाहरण के तौर पर, अगर आपने खुद को पूरी तरह कवर किया है और उसके बाद आप फिजिकल एक्टिविटी कर रहे हैं व ऐसा करने से आपको पसीना आने लगा है तो यह खतरे का संकेत है। दरअसल, ओवर हीटिंग होने पर हृदय रोगी को हाइपरटेंशन हो सकता है। इस स्थिति में रक्तचाप एकदम निम्न हो जाता है।
45 मिनट टहलें और रहें फिट
जीएमएसएच-16 की फिजियोथेरेपिस्ट नम्रता तांगड़ी का कहना है कि प्रतिदिन 45 मिनट टहलने से हमारा दिल मजबूत होता है। इसके अलावा डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज, मेडिटेशन और योग से भी हृदय को ताकत मिलती है। जिन्हें गंभीर बीमारी हो या जिनका ऑपरेशन हुआ हो, उन्हें विशेषज्ञ की सलाह से ही व्यायाम और योग करना चाहिए। ठंड में हृदय संबंधी परेशानियों से बचाव के लिए हमेशा गुनगुने पानी से स्नान करें। ठंडी हवा में न जाएं। धूप निकलने पर ही सैर करें और प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट साइकिल चलाएं।