प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने कहा कि पहले से चल रही मंडी व्यवस्था और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर इस कानून का कोई असर नहीं पड़ेगा बल्कि किसानों के लिए एक रास्ता और खुल जाएगा। अब किसान अपनी फसल को जहां चाहें, जिसे चाहें व जिस भाव पर चाहें, सीधे बेच सकते हैं। किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं रहेगी। इस मौके पर अरुण सूद के अलावा महामंत्री रामवीर भट्टी, चंद्रशेखर, किसान मोर्चा के अध्यक्ष दीदार सिंह, महामंत्री धर्मेंद्र सिंह, अवतार सिंह, बलविंदर शर्मा, हुकम चंद, तेजिंदर सिंह, गजेंद्र शर्मा, जिलाध्यक्ष नरेश कुमार पांचाल और पंजाब किसान मोर्चा के अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह चीमा उपस्थित रहे।