नजारा देखते ही बना, जब लाल रंग साड़ी पहनकर कई महिलाएं सड़कों पर भागती नजर आईं। एक बार तो लोग मामला समझ ही नहीं पाए। तस्वीरों में जानिए आखिर क्या था मामला।
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महिलाओं ने साड़ी में लगाई दौड़
रन, फन एंड रेड साड़ी का ग्लैमर...वो भी वॉक पर। कोई डॉक्टर थीं तो कोई रिटायर्ड प्रोफेसर। कोई फैशन डिजाइनर थीं तो कोई बिजनेस वूमेन और होम मेकर। कोई धीमे दौड़ी तो कोई तेज। लेकिन सभी ने पांच किलोमीटर की दौड़ पूरी की। यह वखरा स्टाइल कहीं और नहीं, बल्कि चंडीगढ़ दी वुमनिया में नजर आया।
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महिलाओं ने साड़ी में लगाई दौड़
जी हां! चंडीगढ़ में इस संडे की शुरुआत 64 वर्षीय रिटायर टीचर टिप्पा पनू से लेकर कई अन्य महिलाओं ने लाल साड़ी पहनकर सड़क पर रनिंग से की। करीब 300 महिलाओं ने ‘हेल्दी वूमेन इज ए हैप्पी वूमेन’ का संदेश भारतीय संस्कृति की पहचान साड़ी पहनकर दौड़ लगाकर दिया। इसमें उनका साथ नन्हीं बच्चियों से लेकर उनके पतियों ने भी दिया।
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महिलाओं ने साड़ी में लगाई दौड़
‘रन इन ए साड़ी’ सुबह साढे़ छह बजे से चंडीगढ़ गोल्फ क्लब से शुरू हुई और यहीं आकर खत्म हुई। दौड़ में हिस्सा लेने से पहले साड़ी पहनी सभी महिलाओं ने पुशअप भी मारे। सभी ने जमकर मस्ती भी की। दौड़ के बाद महिलाओं के लिए गोल्फ क्लब में ही गेम्स का आयोजन भी किया गया, जिसमें सभी ने बड़े उत्साह से हिस्सा लिया।
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‘रन इन ए साड़ी’ में यूक्रेन की डॉ. तेटियाना भी साड़ी पहनकर पहुंचीं। वे अपनी दो बेटियों छह साल की इजाबैला और दो साल की एनाबैला के साथ दौड़ीं। तेटियाना ने बताया कि उन्होंने इस दौड़ के लिए खास साड़ी पहनना सीखा है। उन्होंने यह दौड़ अपनी दो साल की बेटी को पैम में बैठाकर पूरा की। इसके लिए उनके पति दकतर आहूजा ने उनका उत्साह बढ़ाया।
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जीरकपुर की रहने वाली 43 वर्षीय अंजू शर्मा ने अपनी दस साल की बेटी अनन्या के साथ दौड़ पूरी की। अनन्या इस दौड़ में पहले नंबर पर आईं और 11 हजार का गिफ्ट भी जीता। अनन्या की मां अंजू ने बताया कि उनको इस दौड़ में शामिल होकर बहुत ही अच्छा लगा। वहीं अनन्या इस दौड़ को जीतकर काफी खुश है।
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चंडीमंदिर इलाके की रहने वाली फैशन डिजाइनर बिपाशा अपनी बड़ी बहन रचना के साथ दौड़ में पहुंचीं। दोनों बहनों ने बताया कि इस दौड़ ने उनको फिटनेस के प्रति अवेयर किया है। वे भविष्य में भी इसमें हिस्सा लेती रहेंगी। पेशे से टीचर एवं योगा ट्रेनर ऊषा भसीन ने बताया कि साड़ी में दौड़ने का अपना ही मजा है। उन्हें यहां आकर बहुत ही अच्छा लगा।
जर्मनी से छुट्टियां बिताने चंडीगढ़ आईं जसबीर ने अपनी 30 साल पुरानी सहेली सीमा वालिया के साथ दौड़ में हिस्सा लिया। दोनों ने गेम्स में भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि उनका यह पहला अनुभव था और उन्हें बेहद मजा आया। रिटायर्ड प्रोफेसर 64 वर्षीय टिप्पा पनू ने भी साड़ी पहन दौड़ पूरी की। उनके लिए भी यह अनोखा अनुभव रहा और वे काफी उत्साहित नजर आईं।