यूं तो हरियाणा में हड़प्पाकालीन कई अवशेष मिले हैं
लेकिन हाल ही में की गई खुदाई के दौरान हिसार में मिले अवशेषों से उस समय
महिलाओं की स्थिति पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ। देखिए तस्वीरों में।
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खुदाई में खुलासा, देखिए हड़प्पा काल में कैसी होतीं थीं महिलाएं?
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हरियाणा के जिले हिसार में खुदाई में मिले हड़प्पाकालीन अवशेषों से महिलाओं की स्थिति पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दरअसल मिले अवशेषों से यह खुलासा हुआ है कि पांच हजार वर्ष पहले महिलाओं को समाज में पुरुषों के मुकाबले ऊंचा दर्जा प्राप्त था।
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आर्कियोलॉजिस्ट के मुताबिक राखीगढ़ी में मिले हड़प्पाकालीन अवशेषों से महिलाओं के उंचे स्थिति का पता चलता है। वहीं आज प्रदेश में महिलाओं की स्थिति पुरुषों के मुकाबले चिंताजनक है और बेटियों को बचाने के लिए राष्ट्रीय अभियान चल रहे हैं। ऐसे में राखीगढ़ी से महिला सम्मान के संकेतों से प्रदेशवासियों को संदेश दिया जा सकता है।
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वर्ष 1997 से 2000 के बीच राखीगढ़ी में हुई खुदाई के बाद तैयार की गई रिपोर्ट से यह सामने आया है कि शवदाह के समय महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले ज्यादा जमीन उपलब्ध कराई जाती थी। उस दौरान शवदाह के समय शव के साथ बर्तन आदि भी रखे जाते थे।
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उसमें भी महिलाओं के शवों के पास ज्यादा बर्तन रखे जाते थे। इससे पता चलता है कि उस समय समाज में महिलाओं को विशेष दर्जा प्राप्त था। यह रिपोर्ट एएसआई के पूर्व डायरेक्टर डॉ. अमरेंद्र नाथ ने 12 वर्षों की रिसर्च के बाद तैयार की है और पिछले ही वर्ष उन्होंने यह रिपोर्ट पूरी की।
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रिपोर्ट के मुताबिक उस समय भी यदि किसी महिला का निधन उसके पति से पहले हो जाता था, तो उस महिला के गहने आदि उसके साथ ही दबा दिए जाते थे। यह प्रथा आज भी हमारे समाज में मौजूद है। इसका मतलब यह है कि यह प्रथा उस समय से ही चलती आ रही है। रिपोर्ट से यह भी सामने आ रहा है कि उस समय महिलाएं श्रम साध्य कार्य भी करती थीं।
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क्योंकि खुदाई के दौरान जो चूड़ियां व कड़े मिले हैं, उन पर चोट के निशान हैं। इसका मतलब यह है कि भारी काम भी उनकी कार्यशैली का हिस्सा था। इस तरह की चूड़ियां एशिया की किसी भी हड़प्पाकालीन साइट पर नहीं मिली हैं। अनुमान है कि यह हड़प्पाकाल का सबसे बड़ा शहर रहा होगा। इस कारण से आसपास बसे सभी शहरों पर वैचारिक, व्यावसायिक रूप से उसका काफी प्रभाव था।
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डॉ. अमरेंद्र सिंह, पूर्व डीजी, एएसआई ने बताया कि वर्ष 1997 से 2000 तक की खुदाई के दौरान जो नरकंकाल मिले। उनका हमने काफी अध्ययन किया। इससे यही पता चला कि उस समय महिलाओं की स्थिति समाज में पुरुषों के मुकाबले काफी बेहतर थी।